करनाल। जम्मू-कश्मीर के बायसरन घाटी पर मंगलवार दोपहर हुए भीषण आतंकी हमले में 28 पर्यटकों की जान चली गई है। इसमें हरियाणा के आर्मी लेफ्टीनेंट विनय भी शामिल हैं। दहशतगर्दों ने पत्नी हिमांशी के सामने विनय के सिर पर गोलियां मारकर उनकी जा ले ली। आतंकियों ने धर्म और नाम पूछकर विनय को गोली मारी। विनय की हत्या को लेकर पत्नी हिमांशी ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया, विनय ने दो आतंकियों को पकड़ लिया। दोनों को अपनी बाहों में कस लिया था। लेकिन, एक जोर लगाकर छूट गया। उसने ही विनय के सिर में गोली मार दी।
बता दें कि आतंकी हमले के तुरंत बाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। जिसमें वह विनय के शव के पास अकेली बैठी हैं और मदद मांग रही हैं। लोगों से कह रही हैं कि गोली मार दी। उन्होंने यह भी बताया था कि आतंकियों ने पहले नाम पूछा और फिर मजहब और इसके बाद गोली मार दी। विनय के परिवार के लोगों ने बताया कि हिमांशी ने घटना के कुछ देर बाद फोन किया था। उसने बताया था कि वे लोग पहलगाम में होटल से निकलकर कुछ दूर ही पहुंचे थे कि आतंकी आ गए। आतंकी सबका नाम और धर्म पूछ रहे थे। विनय उनके इरादे समझ गए। दो आतंकी उनके नजदीक आए। विनय ने उन्हें दबोच लिया। दोनों उनकी पकड़ से छूटने की कोशिश करते रहे। एक छूट गया। उसने ही विनय की हत्या की। उन दोनों आतंकियों ने और भी लोगों की जान ली। विनय के चाचा सुरजीत नरवाल ने बताया कि हिमांशी ने कॉल करके जानकारी दी थी। उसने बताया कि विनय ने दो आतंकियों को पकड़ भी लिया था।
पलभर में मातम में बदल गईं खुशियां
हिमांशी ने परिजनों को बताया कि वे लोग होटल से घूमने के लिए निकले।पहलगाम की वादियों की सैर के दौरान एक जगह कुछ लोग नजर आए। वहां रुक गए। वहीं पर भेलपूरी खाने लगी। तभी आतंकी आ गए। किसी को कुछ समझ आता, इससे पहले ही आतंकियों ने हथियार निकाल लिए। सब लोग डर गए।आतंकी नाम और मजहब पूछकर गोली मारने लगे। उधर, परिवार के लोगों ने बताया कि एक मई को विनय का जन्मदिन होता है। उन्होंने सोचा था कि हनीमून से लौटने के बाद विनय के लिए एक बड़ी पार्टी रखी जाएगी। इसके लिए भी तैयारियां की जा रही थी। तीन मई को विनय को हिमांशी के साथ कोच्चि लौटना था। वहां उन्होंने गेस्ट हाउस भी बुक करा लिया था।