भोपाल ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में दिवंगत आईएएस अधिकारी अरविंद जोशी और उनकी पत्नी टीनू जोशी के खिलाफ दूसरी सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (SPC) दाखिल की है।
यह शिकायत 31 मार्च 2026 को भोपाल स्थित विशेष PMLA न्यायालय में पेश की गई। इसमें जोशी दंपत्ति पर 41.87 करोड़ रुपए की चल अचल संपत्ति जुटाने का आरोप है।
ईडी के अनुसार, यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 में की गई है। जांच की शुरुआत लोकायुक्त पुलिस भोपाल द्वारा दर्ज प्रकरण के आधार पर की गई थी, जिसमें आईएएस दंपत्ति पर अपनी वास्तविक आय से अधिक लगभग 41.87 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
ईडी की जांच में सामने आया कि अरविंद जोशी और टीनू जोशी ने अपने नाम के अलावा परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के नाम पर भी संपत्तियां खरीदीं। इन संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व को छिपाने के लिए थर्ड पार्टी के माध्यम से लेयरिंग की गई।
ईडी के अनुसार, इससे पहले भी विभाग द्वारा तीन प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी कर करीब 8.60 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। इसके अलावा 28 जनवरी 2026 को एक और अटैचमेंट आदेश जारी कर लगभग 5 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त की गई थीं।
अब ED ने अदालत में दायर सप्लीमेंट्री शिकायत में इन सभी अटैच की गई संपत्तियों को जब्त (कंफिस्केट) करने की मांग की है।



