भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के क्षेत्रीय कार्यालय, पटना ने टोल प्लाजाओं के संचालन को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।
इसके तहत जगदीशपुर-आरा राष्ट्रीय उच्च पथ-319 सहित सभी टोल प्लाजाओं पर लेनदेन को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।
जारी आदेश के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से सभी टोल प्लाजाओं पर नकद (कैश) लेनदेन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
इसके लिए टोल प्लाजाओं पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोग कैशलेस भुगतान प्रणाली को अपनाएं।
इसके अलावा, 15 अप्रैल 2026 से टोल प्लाजाओं पर मैनुअल लेनदेन की प्रक्रिया भी पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी।
एनएचएआई के अनुसार, कई टोल प्लाजाओं पर अभी भी 10 प्रतिशत से अधिक मैनुअल ट्रांजैक्शन हो रहे हैं, जिन्हें निर्धारित समयसीमा से पहले समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
हाईवे पर एंबुलेंस सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए भी नई व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत एंबुलेंस की तैनाती, वाहन संख्या, आरसी विवरण और कर्मियों की जानकारी एक डिजिटल पोर्टल पर अपडेट की जाएगी।
साथ ही एंबुलेंस में लगे टैबलेट और संपर्क नंबर की स्थिति भी दर्ज की जाएगी। टोल दरों में संशोधन के प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर अनुमोदन के लिए भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नई दरें समय पर प्रकाशित की जा सकें।
इसके अलावा, स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम को तेजी से लागू करने और अधिकारियों को iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर कम से कम तीन प्रशिक्षण कोर्स पूरा करने का निर्देश भी दिया गया है।
एनएचएआई ने सभी परियोजना निदेशकों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
इधर, जगदीशपुर-आरा राष्ट्रीय उच्च पथ-319 पर स्थित बभनियाव टोल प्लाजा के प्रबंधक संजय कुमार ने बताया कि एनएचएआई का आदेश प्राप्त हो चुका है और इसे सख्ती से लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल से कैश लेनदेन बंद करने को लेकर लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
उन्होंने बताया कि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए टोल प्लाजा पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और फास्टैग के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
15 अप्रैल से मैनुअल प्रक्रिया समाप्त होने के बाद टोल वसूली पूरी तरह डिजिटल और स्वचालित हो जाएगी, जिससे समय की बचत होगी और यातायात सुचारु रहेगा।
साथ ही कर्मचारियों को नई व्यवस्था के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि संचालन में किसी प्रकार की समस्या न आए।



