लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने केरल में बदलाव की बयार बहने का दावा करते हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की अगुवाई वाली यूडीएफ गठबंधन की जीत के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकने की प्रतिबद्धता जाहिर की है।
यूडीएफ के सभी उम्मीदवारों को सूबे की जनता की उम्मीदों की आवाज बताते हुए कांग्रेस नेता ने राज्य की वामपंथी गठबंधन सरकार की विदाई का अपनी तरफ से सियासी बिगुल बजा दिया है। केरल चुनाव के लिए कांग्रेस समेत यूडीएफ के सभी उम्मीदवारों के एलान के बाद चुनावी अभियान को पूरी शिद्दत से चलाने के पार्टी के इरादे साफ करते हुए राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक्स पोस्ट में कहा टीम यूडीएफ ही टीम केरलम है।
यूडीएफ का हर उम्मीदवार केरलम के लोगों की आवाज, उनकी उम्मीदों और उनके भरोसे को दिखाता है। यह अनुभवी नेताओं और युवा बदलाव लाने वाले ऐसे पुरुषों और महिलाओं की एक मजबूत टीम है जो उन निर्वाचन क्षेत्रों की बारीकियों को समझते हैं जिनका वे प्रतिनिधित्व करते हैं।
2019 के लोकसभा चुनाव में केरल के वायनाड से सांसद बनने के अपने पुराने जुड़ाव की ओर इशारा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मेरे लिए केरलम मेरा घर है और यहां के लोग मेरा परिवार हैं। मैं लोगों का बहुत ऋणी हूं उन सभी बातों के लिए जो उन्होंने मुझे सिखाई हैं और जिस प्यार और अपनापन के साथ मुझे अपनाया है उसके लिए भी। और हमेशा आपका साथी रहूंगा।
राज्य में वामपंथी नेतृत्व वाले यूडीएफ की सत्ता से विदाई तय बताते हुए राहुल गांधी ने कहा कि केरलम से संदेश साफ है लोग बदलाव के लिए तैयार हैं और वे ऐसी सरकार चाहते हैं जो लोगों की बात सुने, समझे और पूरी ईमानदारी से अपना काम करे।
चुनाव बाद राज्य में यूडीएफ की सरकार बनने को सुनिश्चित बताते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि आने वाली यूडीएफ सरकार के साथ मिलकर वे इस खूबसूरत प्रदेश का बेहतर भविष्य बनाने में मदद करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। इस क्रम में राहुल ने कांग्रेस का चुनावी नारा देते हुए कहा ‘केरलम जीतेगा, यूडीएफ नेतृत्व करेगा।’



