मध्यप्रदेश सीहोर के बुधनी के अलावा दमोह और छतरपुर में वर्ष 2026-27 के सत्र से मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने की तैयारी है।
चिकित्सा शिक्षा संचालनालय की तरफ से इसके लिए इसी सप्ताह नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) को प्रस्ताव भेजा जाएगा। तीनों जगह भवन तैयार हो गया है।
अब फैकल्टी और अन्य स्टाफ की भर्ती, पुस्तकालय की स्थापना व अन्य व्यवस्थाएं एनएमसी के मापदंडों के अनुसार मार्च-अप्रैल तक की जाएंगी।
इन मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 150-150 सीटों की मान्यता का प्रयास किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त कुछ कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटें भी बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा जा रहा है। जहां 100 सीटें हैं, वहां 150 और जहां 150 हैं वहां 250 करने का प्रस्ताव है।
इस दृष्टि से बुनियादी संसाधन भी बढ़ाए गए हैं। हालांकि, मंडला और राजगढ़ में भी 2026-27 के सत्र से मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने की तैयारी थी, पर दोनों जगह भवन ही तैयार नहीं हो पाया है।
भारत सरकार के सहयोग से ये कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। स्थापना लागत में 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार मिला रही है। वर्ष 2018 में ये कॉलेज केंद्र द्वारा स्वीकृत किए गए थे।
इसके बाद राज्य सरकार ने लगभग एक वर्ष केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने में लगा दिया था। बाद में प्रस्ताव को संशोधित किया गया। इस तरह लगभग डेढ़ वर्ष निर्माण कार्य ही शुरू नहीं हो पाया। इसके बाद निर्माण एजेंसियों की ढिलाई के चलते भवन निर्माण में देरी हुई।



