मध्यप्रदेश से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-46 के भोपाल-ब्यावरा हिस्से का फोरलेन फिर से बनाया जाएगा।
बीते सालों बनाई सड़क में गड्ढे में तब्दील हो गई है। जिसके बाद पुरानी सड़क की जगह नई सड़क निर्माण किया जाएगा। इसके लिए करीब 300 करोड़ रूपये की डीपीआर तैयार कर ली गई है।
106 किलोमीटर का हिस्सा खराब
सड़क का करीब 106 किलोमीटर का हिस्सा कमजोर हो गया है। इसके लिए डामर की नई परत बिछाई जाएगी। साथ ही के हिस्से में मेंटनेंस किया जाएगा।
जिस कंपनी को ठेका दिया जाएगा। उसे 4 साल तक सड़क की देखरेख की करनी होगी।
नई डीपीआर में फोरलेन को जमीन से 3-4 फीट ऊंचा बनाया जाएगा। यहां पर एक किलोमीटर में एक पुलिया बनाई जाएगी। टेंडर के लिए दिल्ली सड़क परिवहन मंत्रालय को भेज दी गई है।
ब्यावरा से नरसिंहगढ़ तक फोरलेन पर 150 करोड़ और नरसिंहगढ़ से भोपाल तक के लिए 150 करोड़ खर्च किए जाएंगे। हाईवे के 106 किलोमीटर के हिस्से पर निर्माण-कार्य होगा। इस हाईवे की देखरेख एनएचएआई (NHAI)करेगा।
दरअसल, नई डीपीआर के तहत हाईवे को ऊंचा करने का प्रस्ताव दिया गया है। यहां पर 3 से 4 फीट बढ़ाई जाएंगी। इस हाईवे के अंतर्गत 5 अंडरपास ब्रिज बनेंगे। टेंडर के लिए फाइलें सड़क परिवहन मंत्रालय को भेज दी गई हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण-कार्य शुरु कर दिया जाएगा।



