मध्यप्रदेश में अब शिक्षकों के साथ-साथ स्कूल प्रिंसिपल और हेड मास्टर्स को भी E-अटेंडेंस लगानी होगी। मध्यप्रदेश लोक शिक्षण संचालनालय ने DPI के सभी DEO को निर्देश दिए हैं कि E-अटेंडेंस सुनिश्चित करें।
स्कूलों में प्रिंसिपल-हेड मास्टर नहीं लगा रहे E-अटेंडेंस
लोक शिक्षण संचालनालय ने आदेश में कहा है कि हमारे शिक्षक ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म के माध्यम से ई-अटेंडेंस लगाए जाने की सुविधा प्रदान की गई है। मॉनिटरिंग रिपोर्ट में संज्ञान में आया है कि विद्यालयों में संस्था प्रधान द्वारा ई-अटेंडेंस नहीं लगाई जा रही है जिसके कारण संबंधित संस्था के शिक्षक भी ई-अटेंडेंस नहीं लगा रहे हैं, जो उचित नहीं है।
सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश
सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी कार्यरत संस्था एवं शैक्षणिक स्टाफ की E-अटेंडेंस लगाए जाने की कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित कराएं और इसकी मॉनिटरिंग करें।
संस्था प्रमुखों की E-अटेंडेंस की मॉनिटरिंग
DPI ने आदेश में कहा है कि संस्था प्रमुखों की E-अटेंडेंस मॉनिटरिंग के लिए अलग से पोर्टल पर व्यवस्था की गई है।
MP में शिक्षक E-गवर्नेंस पोर्टल पर ऐसे लगती है E-अटेंडेंस
- शिक्षक या प्रिंसिपल को लॉगिन पासवर्ड के साथ शिक्षक E-गवर्नेंस पोर्टल लॉगिन करना होता है।
- लॉगिन करने के बाद E-अटेंडेंस का ऑप्शन दिखाई देता है। यहां से E-अटेंडेंस लगती है।
- पोर्टल या मोबाइल ऐप से अटेंडेंस लगाते समय GPS लोकेशन ऑन करना जरूरी होता है। इससे ये सुनिश्चित होता है कि अटेंडेंस स्कूल कैंपस से ही लगाई गई है।
- उपस्थित (Present), अनुपस्थित (Absent) या अवकाश (Leave) का चयन करना होता है।
- डेटा तुरंत राज्य स्तरीय सर्वर पर चला जाता है। जिला शिक्षा अधिकारी और राज्य शिक्षा विभाग सीधे देख सकते हैं कि कौन उपस्थित है और कौन अनुपस्थित।