नई दिल्ली। घाटी में कुदरत का कहर जारी है। किश्तवाड़ में बीते दिनों बादल फटने से मची भीषण तबाही का मंजर लोग अभी भूले भी नहीं थे कि अब कठुआ जिले में रविवार तड़के बादल फट गया है। इस आपदा में जहां 7 लोगों की मौत की खबर है। वहीं कई घायल हुए हैं और कई के मलबे में दबे होने की जानकारी सामने आ रही है। जबकि कई जगहों पर भारी नुकसान होने की आशंका है। राहत और बचाव कार्य के लिए रेस्क्यू टीम मौके पर मौजूद है और लगातार हालात को संभालने की कोशिशें जारी हैं।
जानकारी के मुताबिक, कठुआ जिले में रात करीब 2 से 3 बजे अचानक बादल फटे हैं। देखते ही देखते पानी का सैलाब आसपास के इलाकों को अपने आगोश में लेकर बहा ले गया। इस आपदा में चार लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा रेलवे ट्रैक, जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे और कठुआ थाना परिसर को भी नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार और रविवार की दरमियानी रात कठुआ जिले के राजबाग इलाके के जॉड घाटी गांव में बादल फटा। इस घटना से गांव का बाकी इलाकों से संपर्क टूट गया और जमीन और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।
केन्द्रीय मंत्री जताया दुख
हालांकि शुरुआत में किसी जनहानि की रिपोर्ट नहीं थी, लेकिन बाद में चार लोगों की मौत और छह लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने घटना की जानकारी मिलते ही जिले के एसएसपी शोभित सक्सेना से बात की। इस बातचीत की जानकारी उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी। उन्होंने लिखा की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।
किश्तवाड में बादल फटने से मची थी भारी तबाही
गौरतलब है कि बीते दिनों किश्तवाड़ जिले में भी बादल फटने से भारी तबाही मची थी। किश्तवाड़ के चिशोती इलाके में गुरुवार को बादल फटने के बाद अचानक बाढ़ आई थी। उस जगह पर यह घटना हुई, जहां श्री मचैल यात्रा के लिए चार पहिया वाहन खड़े होते हैं और कई अस्थायी दुकानें लगी हुई हैं। एडीसी किश्तवाड़ के अनुसार, श्री मचैल यात्रा अगली सूचना तक स्थगित कर दी गई है। स्थानीय पुलिस-प्रशासन के अलावा एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियां बड़े पैमाने पर राहत व बचाव कार्य में जुटी हैं।