नई दिल्ली। हरियाणा के लैंड स्कैम केस में फंसे कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चार्जशीट दाखिल की है। बहनोई पर इस एक्शन से राहुल गांधी भड़क गए और उन्होंने ईडी को राजनीतिक साजिश करार दिया। राहुल के इन आरोपों पर अब भाजपा ने भी पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल पर निशाना साधते हुए कहा कि पूरी कांग्रेस भ्रष्टाचार में डूबी हैं।
त्रिवेदी ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस की राजनीति का आधार सिर्फ परिवारवाद है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी राज्यसभा में हैं। राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी लोकसभा में हैं। इतना ही नहीं, राहुल गांधी के जीजा रॉबर्ट वाड्रा के पास ढेर सारी जमीन हैं। कांग्रेस परिवार सत्ता और संपत्ति पर कब्जा करना चाहता है। त्रिवेदी ने सवाल उठाया कि अगर यह पारिवारिक मामला है, तो राहुल गांधी इसे राजनीतिक मुद्दा क्यों बना रहे हैं? उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने अपने बहनोई के भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए नेता प्रतिपक्ष के पद का गलत इस्तेमाल किया। भाजपा प्रवक्ता त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार में डूबी है और इसके नेता एक-दूसरे के भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने प्रियंका गांधी पर भी एक अन्य कांग्रेस नेता के बेटे के भ्रष्टाचार का बचाव करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस का मकसद समाज को बांटना
त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस का मकसद समाज को क्षेत्र, भाषा और जाति के आधार पर बांटना है ताकि वे सत्ता और भ्रष्टाचार से कमाई गई संपत्ति पर कब्जा बनाए रखें। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि भारत सरकार ने आतंकी संगठन टीआरएफ को प्रतिबंधित करवाकर कूटनीतिक सफलता हासिल की। लेकिन राहुल गांधी और कांग्रेस को इसमें भी नकारात्मकता दिखती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग विदेश नीति को श्सर्कसश् कहते हैं, उन्हें अपने दिमाग के श्सर्किटश् की जांच करानी चाहिए।
संसद का सत्र शुरू होने से पहले ही बिखर गया इंडी गठबंधन
आगामी संसद सत्र को लेकर त्रिवेदी ने कहा कि सत्र शुरू होने में दो दिन बाकी हैं, लेकिन विपक्षी इंडी गठबंधन में पहले ही टकराव और बिखराव दिख रहा है। उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) के गठबंधन से अलग होने की ओर इशारा किया। त्रिवेदी ने उम्मीद जताई कि विपक्ष संसद सत्र का सकारात्मक उपयोग करेगा, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए उन्होंने तंज कसा, जब रात इतनी मतवाली है, तो सुबह का आलम क्या होगा, यह देखने में पता चलेगा जब संसद का सत्र शुरू होगा।