मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का फर्जी लेटर तैयार कर जिप्सी की डिमांड करने के मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने श्रेय मेहता (30) पुत्र मुकेश मेहता अहमदाबाद, निर्मल इनानी (30) पुत्र सत्य नारायण रतनगढ़ नीमच, वीरेंद्र प्रताप सिंह (23) पुत्र चंद्रभान सिंह सादडी पाली को गिरफ्तार किया है। इससे पहले कोतवाली पुलिस ने आरोपी श्रेय मेहता (30) पुत्र मुकेश मेहता अहमदाबाद को डिटेन किया था।
कोतवाली थाना अधिकारी हरलाल सिंह मीणा ने बताया कि मामले को लेकर वन विभाग की ओर से 31 मार्च को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें वनाधिकारियों ने बताया कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व में सफारी के लिए सरकारी जिप्सी की डिमांड की गई थी।
सरकारी जिप्सी मांगने के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के ओएसडी का हस्ताक्षर रचित एक लेटर भी वनाधिकारियों को दिया गया था। जिस पर अधिकारियों को शक होने पर वनाधिकारियों ने लेटर की पड़ताल की तो लेटर फर्जी पाया गया। लेटर फर्जी पाए जाने पर वनाधिकारियों ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। श्रेय मेहता को डिटेन कर पूछताछ की गई।
पूछताछ में सामने आया कि श्रेय मेहता की अहमदाबाद में रियल डायमंड फर्म है। वहां निर्मल और वीरेंद्र प्रताप सिंह दो कर्मचारी हैं। श्रेय मेहता 29 मार्च रणथम्भौर आया था, लेकिन टिकट नहीं हो पाए थे। जिस पर श्रेय ने अपने दोनों कर्मचारियों को किसी भी तरह सफारी के टिकट करवाने के लिए कहा। निर्मल ने कहा कि उसके दोस्त का जानकार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के ओएसडी जगदीश जोशी परिचित हैं। जिनसे लेटर जारी करवा दूंगा।
निर्मल ने मध्यप्रदेश सीएमओ से लेटर जारी नहीं करवाकर ऑनलाइन लेटर निकाला और वीरेंद्र से फर्जी लेटर करवाया। वीरेंद्र ने रणथम्भौर पर्यटन डीएफओ को जगदीश जोशी के नाम से लेटर वाट्सएप कर दिया। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनमें से श्रेय मेहता और निर्मल इनानी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। वहीं वीरेंद्र को तीन दिन के लिए पुलिस कस्टडी में लिया है। जिससे लेटर तैयार किया जाने वाला लैपटॉप बरामद किया जा सके।