ग्वालियर। केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया दो दिवसीय प्रवास पर रविवार को ग्वालियर के दौरे पर पहुंचे। इसके बाद वह सोमवार को कई कार्यक्रमों में शामिल हुए। सिंधिया सबसे पहले मुरार पहुंचे। जहां वह विजयाराजे सिंधिया कन्या महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में शिरकत कर छात्राओं को संबोधित। इसके बाद सिंधिया भितरवार के दौरे पर पहुंचे। जहां उन्होंने 679 करोड़ 75 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस दौरान सिंधिया ने कहा कि मैं ग्वालियर चंबल क्षेत्र का कोटवार हूं और आपके दिल में स्थान पाना चाहता हूं। क्षेत्र का विकास करना ही सिंधिया परिवार का सपना और मकसद रहा है।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने बीएसएनल में हुए फायदे को लेकर कहा है 17 साल के बड़े लंबे समय बाद अक्टूबर से दिसंबर का क्वार्टर का 262 करोड़ का मुनाफा हुआ है, ये इतिहास बीएसएनएल ने रचा है और ये संभव हो पाया है प्रधानमंत्री जी का विश्वास प्रधानमंत्री जी का संकल्प की आत्म निर्भर के आधार पर। सरकारी कंपनी भी उत्कृष्ट सेवा देगी आज हम लोग 4जी का टावर का क्रियान्वयन कर रहे हैं, एक लाख टॉवर हमारा टारगेट है।
बुलंद हैं संस्था का इतिहास
वहीं सिंधिया ने मुरार में राजमाता विजयाराजे सिंधिया गर्ल्स कॉलेज के वार्षिकोत्सव समारोह में आपने मुझे आमंत्रित किया है। मैं सभी का दिल से धन्यवाद देना चाहता हूं। इस संस्था का इतिहास बुलंद है। भारत जिस पथ पर आज निकल चुका है वह खास है। आजादी के 75 वर्षों के बाद आज हमारा भारत अमृत काल से शताब्दी काल के पथ पर निकल चुका है। यह भारत आज वो क्षमता रखता है जो केवल हमारे आसपास या एशिया में नहीं बल्कि पूरे विश्व में अपनी आर्थिक क्षमता, मनोवैज्ञानिक क्षमता, अध्यात्म शक्ति के दम पर निखरने की क्षमता रखता है।
राजमाता के नाम से जोड़ा गया संस्थान का नाम
केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि इस सफर में मेरा यह गर्वमेंट गर्ल्स कॉलेज जो 1963 में स्थापित हुआ था उसकी भूमिका खास रहेगी। आज हमारे इस कॉलेज के 62 वर्ष होने को आए हैं। जो सफर इस कॉलेज ने तय किया है। जिस नाम के साथ इस संस्था को जोड़ा गया है। मेरी आजी अम्मा राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी। जिन्होंने सदियों पूर्व महिला सशक्तिकरण के नारे को आगाज दिया था। देश की प्रगति और विकास के लिए मैं आज उन्हें नमन करता हूं।
प्रजातांत्रिक प्रणाली के लिए मेरे आजी बाबा ने कंधे से कंधा मिलाकर काम किया
केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने इस मौके पर अपने बाबा को याद करते हुए कहा कि उस जमाने में ग्वालियर स्टेट ने भारत की प्रजातांत्रिक प्रणाली स्थापित करने के लिए मेरे आजी बाबा जीवाजीराव महाराज जी ने सरदार पटेल जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चले। क्योंकि उनकी सोच और विचारधारा थी कि भारत गणतंत्र बनेगा। जब भारत गणतंत्र बनेगा तो उस गणतंत्र के आधार पर भारत विश्व पटल पर उभरने की क्षमता रखता है। उनके जीवन में उनकी धर्मपत्नी के रूप में मेरी आजी अम्मा ने जो साथ दिया और जो महिला सशक्तिरण के लिए लड़ाई लड़ी है वह पूरे देश के सामने है। आजी अम्मा साहब ने पूरे देश के एक-एक राज्य में प्रवास करके जनसंघ को स्थाापित किया। एक-एक गांव में जाकर महिलाओं को प्रोत्साहित किया कि एक सशक्त देश बनाना है तो केवल पुरुषों को ही नहीं बल्कि महिलाओं को भी विकास और प्रगति के लिए आगे आना होगा।