मध्यप्रदेश विधानसभा में सोमवार से दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन की शुरुआत हो रही है। 30 और 31 मार्च तक चलने वाले इस आयोजन में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के कुल 55 युवा विधायक भाग ले रहे हैं। राष्ट्रकुल संसदीय संघ (भारत क्षेत्र-6) के अंतर्गत आयोजित इस सम्मेलन में मध्यप्रदेश के 18, छत्तीसगढ़ के 15 और राजस्थान के 22 विधायक शामिल हो रहे हैं।
यह मंच युवा जनप्रतिनिधियों को लोकतंत्र और विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श का अवसर देगा। सम्मेलन के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की उपस्थिति रहेगी।
पहले दिन ‘लोकतंत्र और नागरिक भागीदारी को मजबूत करने में युवा विधायकों की भूमिका’ विषय पर चर्चा होगी। इस सत्र में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी भी अपने विचार रखेंगे।
दूसरे दिन विकसित भारत पर मंथन
सम्मेलन के दूसरे दिन ‘विकसित भारत 2047: युवा विधायकों के दायित्व और चुनौतियां’ विषय पर चर्चा होगी। इस दौरान विभिन्न सत्रों में नीति, विकास और नेतृत्व से जुड़े मुद्दों पर विचार साझा किए जाएंगे। एमआईटी पुणे के चेयरमैन डॉ. राहुल वी. कराड भी सम्मेलन को संबोधित करेंगे और युवाओं की भूमिका पर अपने विचार रखेंगे। समापन में राज्यसभा उपसभापति होंगे मुख्य अतिथि 31 मार्च को आयोजित समापन समारोह में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।
युवा नेतृत्व को मिलेगा नया मंच
यह सम्मेलन युवा विधायकों को न केवल अपने अनुभव साझा करने का अवसर देगा, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने और भविष्य के भारत के निर्माण में उनकी भूमिका तय करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा।



