उज्जैन जिले के तराना कस्बे में गुरुवार शाम उस समय हालात बेकाबू हो गए, जब एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। देखते ही देखते दो समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया और मामला पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी तक जा पहुंचा।
हालात इतने बिगड़ गए कि प्रशासन को भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा और पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई। आज शुक्रवार को भी क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
बाजार बंद हैं और भारी संख्या में तैनात है। पुलिस लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रही है।
उज्जैन के तराना में शुक्रवार दोपहर फिर तनाव फैल गया। नमाज के बाद बस स्टैंड क्षेत्र में दो समुदाय आमने-सामने आ गए।
मारपीट-पथराव हुआ फिर एक बस में आग लगा दी गई। पुलिस ने शुक्रवार की घटना को लेकर 15 से ज्यादा लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
उज्जैन के तराना में हुआ सांप्रदायिक विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार रात तनावपूर्ण हालात के बाद शुक्रवार दोपहर एक बार फिर स्थिति बिगड़ गई।
बस स्टैंड इलाके में पथराव हो गया और एक बस आग के हवाले कर दी गई। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस ने उपद्रवियों पर बीएनएस की धारा 163 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
अभी तक 15 से 20 लोगों को हिरासत में ले लिया गया है। शुक्रवार दोपहर में मचाए गए उपद्रव के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ चुके हैं। फुटेज के माध्यम से भी उत्पात करने वालों की तलाश की जा रही है।
बस स्टैंड क्षेत्र मे मचा बवाल बस में आग लगाई
शुक्रवार दोपहर को जब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी यह समझ रहे थे कि पूरा मामला शांत हो गया है तभी तकिया मोहल्ला क्षेत्र बस स्टैंड में 50 से 60 लोगों की भीड़ पहुंची और पथराव शुरू कर दिया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि भीड़ में शामिल लोग धर्म विशेष के थे। पथराव के बाद दूसरे पक्ष के लोग भी सड़क पर उतर आए। दोनों समुदाय के लोगों के आमने-सामने आने के बाद पुलिस ने उन्हें रोका लेकिन इसी बीच किसी व्यक्ति ने यहां खड़ी एक बस में आग लगा दी। इसके बाद इलाके के हालात बिगड़ गए।
क्यों हुआ तराना में विवाद ?
गुरूवार को तराना की शुक्ला गली में रहने वाला सोहिल पिता सोनू ठाकुर उम्र 26 साल अपने घर से करीब 200 मीटर दूर राम मंदिर संघ कार्यालय के नजदीक बैठा था। शाम करीब 7.30 बजे ईशान मिर्जा और उसके साथ आठ से दस लोग लोहे की रॉड, लाठी और चाकू लेकर सोहिल के पास पहुंचे और उसे धमकाने लगे। इन लोगों का कहना था कि तुम (सोहिल) हमारे काम में बहुत टांग अड़ाते हो, हमारे रास्ते में मत आया करो।
आरोपियों के साथ सोहिल की कहासुनी हुई, इसी बीच आरोपियों ने सोहिल के सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। सोहिल को बचाने उसका चचेरा भाई आया तो उसके साथ भी मारपीट की गई। सोहिल को तत्काल ही तराना के सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां से उसे उज्जैन रैफर कर दिया गया। इस घटना के बाद सैकड़ों लोग अस्पताल के बाहर एकत्रित हो गए थे।
यहीं भीड़ में से कुछ लोग बस स्टैंड की ओर आगे बढ़े व बसों पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। देखते ही देखते तराना में तनाव के हालात निर्मित हो गए। रात में ही पुलिस ने ईशान मिर्जा, शादाब उर्फ हेडली, सलमान, रिजवान और नावेद सहित छह लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया था। इसके बाद देर रात पुलिस क्षेत्र में गश्त करती रही।
ये हुआ नुकसान
13 बसों में तोड़फोड़
1 बस में आग
15 से 20 आरोपी गिरफ्तार
12 कारो में नुकसान
6 घरों में तोड़फोड़
वार्ड क्रमांक 8 की बाखल में तोड़फोड़
नमाज के बाद हुआ पथराव
50 लोगों ने किया हमला
पूर्व पार्षद आजाद खान की दुकान में आग
अब आगे क्या मांग?
पुलिस के अनुसार शुक्रवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव भी किया। विरोध प्रदर्शन करते हुए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि एक फरार आरोपी को पुलिस जल्द से जल्द पकड़े। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया।
फिलहाल पूरे इलाके में पुलिस ने बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी है। पुलिस ने सप्पन मिर्जा (मदारबड़ा), ईशान मिर्जा, शादाब उर्फ इडली, सलमान मिर्जा, रिजवान मिर्जा और नावेद के खिलाफ जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया है।
इनमें से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता चाहते हैं कि जो एक आरोपी अभी फरार है उसे जल्द से जल्द पकड़ा जाए। साथ ही जिन पांच आरोपियों को अब तक पकड़ा जा चुका है उनके मकान तोड़े जाएं और उनका सामूहिक जुलूस भी निकाला जाए।
प्रशासन और पुलिस अधिकारी हिंदूवादी संगठनों को समझाने में लगे हुए हैं, लेकिन वे कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। कार्यकर्ता थाने के सामने धरने पर बैठ गए थे और हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। आरोप है कि नमाज खत्म होने के बाद कुछ लोग यहां पहुंचे तो विवाद गहरा गया।
अचानक हुआ पथराव
तराना के बस स्टैंड इलाके में रहने वालों का कहना है कि पथराव करने वाली भीड़ अचानक इलाके में आई और पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। भीड़ में 25 से 30 लोग थे।



