खजुराहो के गौतम रिसोर्ट व होटल्स के जो 11 कर्मचारियों ने जो खाया खाया था, उसमें पौधों की कीटों को मारने वाला कीटनाशक मोनोक्रोटोफास निकला है।
फूड विभाग और फारेंसिक जांच रिपोर्ट में कीटनाशक निकलने के बाद पुलिस अब मामले को लेकर गंभीरता से जांच में जुट गई है।
कर्मचारियों के खाने में किसने जहरीला कीटनाशक मिलाया और वह कहां से आया, ऐसे कई एंगल है जिन पर पुलिस जांच कर रही है।
मोनोक्रोटोफास कीटनाशक का उपयोग पौधों और फसलों के कीटों को मारने के लिए किया जाता है। इस खतरनाक कीटनाशक से पांच कर्मचारियों की मौत हो गई थी।
कीटनाशक सामने आने के बाद इस मामले में उस व्यक्ति का हाथ हो सकता है, जिसे पौधों के कीटनाशकों के संबंध में जानकारी रही होगी। हालांकि बड़ी सफाई से इस काम को अंजाम दिया गया है। क्योंकि घटनास्थल पर जांच के बाद कच्ची सब्जी और आटे के आलावा कुछ नहीं निकला था।
गौरतलब है कि गौतम रिसार्ट में 11 कर्मचारी गार्डनिंग, मेंटेनेंस व हाउस कीपिंग का काम करते थे। इन 11 कर्मचारियों में बिहारी पटेल (50) निवासी खजुराहो, रामस्वरूप कुशवाहा (47) निवासी खजुराहो, रोशनी रजक (30) निवासी ग्राम झटकरा, दयाराम पिता रामदयाल कुशवाहा 70 साल निवासी खजुराहो, हार्दिक सोनी (20) निवासी राजनगर, गोलू अग्निहोत्री (25) निवासी पीरा थाना राजनगर, और 7 गिरजा रजक (35) निवासी गौतम रवि नाम का युवक सहित 11 लोगों ने रिसोर्ट में खाना खाया था, जिनमें रामस्वरूप, प्रागीलाल, गिरजा, हार्दिक और दयाराम की मौत हो गई है।
एसपी आदित्य पटले के अनुसार फारेंसिक जांच रिपोर्ट में मोनोक्रोटोफास कीटनाशक निकला है। मामले को लेकर पुलिस हर एंगल पर काम जांच कर रही है। संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं।
छतरपुर सीएमएचओ डा आरपी गुप्ता का कहना है कि गौतम रिसोर्ट के कर्मचारियों की हालत को देखते हुए हमने तो पहले ही कहा था कि फूड पाइजनिंग से लोगों की मौत इस तरह नहीं हो सकती। फूड और फारेंसिक जांच रिपोर्ट में कीटनाशक पाया गया है।



