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मप्र के शिक्षकों को अब वेतन ई-अटेंडेंस के आधार पर ही मिलेगा

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मध्यप्रदेश के शिक्षकों को अब वेतन ई-अटेंडेंस के आधार पर ही मिलेगा। कई शिक्षकों का मानना है कि आदेश केवल नवंबर महीने के लिए ही था, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी ने साफ किया है कि अब वेतन ई-अटेंडेंस के आधार पर ही मिलेगा।

शिक्षा विभाग ने 28 नवंबर को आदेश जारी कर ई-अटेंडेंस के आधार पर शिक्षकों का वेतन भुगतान करने के निर्देश दिए थे। तब शिक्षकों ने समझा था कि यह आदेश केवल नवंबर महीने के ही लिए है, लेकिन अब यह नियम आगे भी जारी रहेगा।

गौरतलब है कि शिक्षा विभाग ने नवंबर महीने का वेतन शिक्षकों को ई-अटेंडेंस के आधार पर दिया था, जिससे जिले के तकरीबन सभी शिक्षक प्रभावित हुए थे यानी शिक्षकों को पांच दिन से लेकर पूरे महीने का वेतन ही रुक गया था।

इस सख्ती के बाद शिक्षकों ने न केवल समय पर स्कूल पहुंचकर ई-अटेंडेंस लगाना शुरू कर दिया था, बल्कि निर्धारित छुट्टी के समय पर लॉग आउट भी करना शुरू कर दिया। हालांकि शुरुआत में ई-अटेंडेंस का प्रतिशत धीमा रहा, लेकिन अब महीने के अंत तक 90 प्रतिशत शिक्षक व शाला प्रभारी न केवल ई-अटेंडेंस लगाने के लिए लॉग इन हो रहे हैं, बल्कि लाग आउट भी हो रहे हैं।

जैसे-जैसे अब दिसंबर महीने का वेतन भुगतान का समय पास आ रहा है। शिक्षकों का ई-अटेंडेंस लगाने का ग्राफ भी बढ़ गया है। शुक्रवार को 90 प्रतिशत शिक्षकों व इतने ही प्रतिशत शाला प्रभारियों ने की ई-उपस्थिति रही। साथ ही अतिथि शिक्षकों की हाजिरी की प्रतिशत 93 प्रतिशत रहा। अब केवल 10 प्रतिशत शिक्षक व शाला प्रभारी ऐसे हैं जो ऑनलाइन उपस्थिति नहीं लगा रहे हैं।

नवंबर महीने का वेतन ई-अटेंडेंस के आधार पर मिला है। ऐसे में उनका कुछ आर्थिक परेशानियां हुईं। ऐसे में शिक्षकों को डर है कि यदि दिसंबर महीने में भी नवंबर महीने का आदेश जारी रहेगा तो उन्हें परेशानी हो जाएगी।

स्थानीय शिक्षा विभाग के अफसरों के साथ-साथ प्रशासनिक अफसरों व भोपाल से लोक शिक्षण विभाग के अफसरों की नजर भी ई-अटेंडेंस पर है। ऐसे में शिक्षक अब ऑनलाइन उपस्थिति लगाने लगे है।

घोषणा पत्र देने में पीछे शिक्षा विभाग ने 13 दिसंबर को आदेश दिया था कि जो शिक्षक ई-अटेंडेंस नियमित लगाने के साथ-साथ नियमित लॉग आउट करने का लिखित घोषणा पत्र विभाग को देते हैं तो उन्हें नवंबर का जो वेतन रुका है उसका भुगतान कर दिया जाएगा।

लेकिन शिक्षक इस घोषणा पत्र को देने में काफी पीछे हैं। चारों ब्लॉक में अभी तक आधे शिक्षकों ने भी अपने घोषणा पत्र जमा नहीं कराए हैं। ऐसे में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जिन-जिन शिक्षकों के घोषणा पत्र आ रहे हैं, उनके वेतन पत्रक बनाकर कोषालय को भेज रहे हैं।

 

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