पेसा मोबिलाइजर के ऊपर पेसा ब्लॉक कोआॅर्डिनेटर है जो आरएसएस विचारधारा वालो को ही चुन चुनकर बनाया गया है, पेसा ब्लॉक कोआॅर्डिनेटर के ऊपर डिस्ट्रिक्ट कोआर्डिनेटर है उन्हें भी संघ से जुड़े लोगों को ही बनाया गया है, इनके ऊपर उपसचिव है जिसने पेसा ब्लॉक कोआॅर्डिनेटर, डिस्ट्रिक्ट कोआर्डिनेटर बनाये, यानी अप्रत्यक्ष रूप से ग्रामसभा का गठन आरएसएस विचार धारा के गांव में रहने वाले युवकों से ही किया जा रहा है।
पटवारी, सिंघार और कटारे को उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं। बरसों बरस बाद पंजे ने दिमाग को टटोला है। कांग्रेस के सच्चे शुभचिंतक यही चाहेंगे कि यह क्रम बना रहे। बाकी उनके भीतर यह आशंका कायम रहना भी स्वाभाविक है कि पंजा एक बार फिर दिमाग से फिसलकर दिल की तरह न चला जाए।