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दिग्विजय सिंह

दिग्गी को कोई नहीं लेता गंभीरता से, मंत्री राजपूत ने किया पलटवार, बोले- बात निकली है तो दूर तलक जाएगी, और क्या कहा पढ़ें

भोपाल। राजधानी भोपाल से सटे मेंडोरी के जंगल में मिले 52 किलो सोना और 10 करोड़ कैश के बाद से मप्र का सियासी पारा...

पीएम को घेरने पर वीडी ने दिग्गी पर किया पलटवार, अंबेडकर को लेकर नेहरू पर बरसे, शाह का भी किया बचाव

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कुवैत में दिए भाषण पर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और मप्र के सीएम दिग्विजय सिंह ने कड़ी आलोचना की...

नर्सिंग कॉलेज घोटाला: सारंग के खिलाफ FIR कराने पैदल अशोका गार्डन थाने पहुंचे कांग्रेसी, भाजपाइयों ने किया सुंदरकांड का पाठ, भड़के दिग्गी

भोपाल। नर्सिंग कॉलेज घोटाले को लेकर मध्यप्रदेश का सियासी पारा हाई है। मामले को लेकर भाजपा-कांग्रेस दोनों ही दल आमने-सामने हैं। ऐसा ही गुरुवार...

दिग्गी के निशाने पर फिर आया संघ, ट्वीट कर लगाया यह बड़ा गंभीर आरोप

पेसा मोबिलाइजर के ऊपर पेसा ब्लॉक कोआॅर्डिनेटर है जो आरएसएस विचारधारा वालो को ही चुन चुनकर बनाया गया है, पेसा ब्लॉक कोआॅर्डिनेटर के ऊपर डिस्ट्रिक्ट कोआर्डिनेटर है उन्हें भी संघ से जुड़े लोगों को ही बनाया गया है, इनके ऊपर उपसचिव है जिसने पेसा ब्लॉक कोआॅर्डिनेटर, डिस्ट्रिक्ट कोआर्डिनेटर बनाये, यानी अप्रत्यक्ष रूप से ग्रामसभा का गठन आरएसएस विचार धारा के गांव में रहने वाले युवकों से ही किया जा रहा है।

डूबा तो टाइटैनिक भी था, जला रोम भी था….

लगता ऐसा ही है, कांग्रेस में बहुत असरकारी भूचाल आ गया है। क्योंकि आज मध्यप्रदेश की सियासत में जो कुछ हुआ, उसकी तो यह...

सुरा को लेकर साध्वी प्रज्ञा का सियासी सुर

रूमानी तबीयत वालों के बीच शराब को लेकर एक तथ्य बेहद चर्चित है। वह यह कि जिसे इश्क में मायूसी हाथ लगती है, वह...

कांग्रेस ने दिल से हटकर दिमाग की सुध ली

पटवारी, सिंघार और कटारे को उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं। बरसों बरस बाद पंजे ने दिमाग को टटोला है। कांग्रेस के सच्चे शुभचिंतक यही चाहेंगे कि यह क्रम बना रहे। बाकी उनके भीतर यह आशंका कायम रहना भी स्वाभाविक है कि पंजा एक बार फिर दिमाग से फिसलकर दिल की तरह न चला जाए।

ये कमलनाथ का विश्वास है दिग्विजय पर

दिग्विजय ने जिन बातों के चलते अपने लिए कपडे फटने की स्थिति बुलाई, उनमें से अधिकतर बातें भले ही पार्टी के नाम पर की गईं, लेकिन उनके मूल में खुद दिग्विजय का निजी एजेंडा भी निहित था। खैर, इसे गलत भी नहीं मानना चाहिए। निजी शुभ-लाभ हासिल करने की निंदा करने से पहले यह देखा जाना चाहिए कि कपडे फड़वाने की दिग्विजय की तरह ऐसी बार-बार हिम्मत करना कांग्रेस में क्या किसी और के बूते की बात है?

कांग्रेस की माइनस मार्किंग का शिवराज फैक्टर

दशकों पहले 'गरीबी हटाओं' का नारा देने वाली कांग्रेस इसे अचंभे से देख सकती है। कोई सत्तारूढ़ दल 'गरीब कल्याण महाअभियान' भी चला सकता...

कर्नाटक से मप्र के बीच तक कांग्रेस की ये उलटबासी

एक लघुकथा याद आ गई। सुबह के समय मुसाफिरों की वह बस एक मंदिर की तरफ जा रही थी। उसमें बुजुर्गों की खासी भीड़...

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