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मध्यप्रदेश

भाजपा का सयानापन और कांग्रेस का बचपना

कांग्रेस व्यवहारिकता के हिसाब से मुद्दों के टोटो और उनके नाम पर तोता रटंत की शिकार होकर रह गयी। जबकि भाजपा ने एक बार फिर दिखा दिया कि वह अपने सामाजिक समरसता वाले वाक्य के अनुरूप आगे बढ़ने में ही यकीन रखती है।

खुद शिवराज ही बड़ी चुनौती रहेंगे मोहन यादव के लिए

नए मुख्यमंत्री के लिए सबसे बड़ी चुनौती खुद शिवराज सिंह चौहान ही साबित होंगे। इस बात को किसी नाराजगी या विद्रोह से जोड़कर न देखा जाए। यह चुनौती इस रूप में होगी कि अपने अब तक के कार्यकाल में शिवराज ने जो लोकप्रियता, सफलता और सक्रियता के कीर्तिमान स्थापित किए, उनसे आगे जाए बगैर यादव यह स्थापित नहीं कर सकेंगे कि पार्टी का उनके प्रति विश्वास एकदम सही था।

फीनिक्स पक्षी की बाघ वाली यह दहाड़

मध्यप्रदेश के चुनावी नतीजों में लाड़ली बहना योजना की बड़ी भूमिका रही तो आप यह भी मानेंगे कि इस योजना के पीछे का प्रमुख फैक्टर शिवराज ही थे। यह उनकी वर्ष 2005 से इस चुनाव तक की संचित निधि रही, जिसने राज्य की महिलाओं को भविष्य में तीन हजार रुपए प्रति माह देने की बात पर विश्वास में ले लिया

ये पसंद नहीं है…. तो ये लीजिए’

विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की दूसरी सूची इसी किस्से से मिलती जुलती है। चुनाव में आप किसी को 'हमें ही वोट दो' कहकर बाध्य नहीं कर सकते, लेकिन यह माहौल तो बना ही सकते हैं कि मतदाता के पास आप से हटकर और कोई विकल्प की संभावना कम रह जाए। यूं नहीं कि प्रदेश का मतदाता शिवराज सिंह चौहान से नाखुश है। हां, ऐसे नाखुश लोगों की भाजपा में अच्छी-खासी संख्या पनप चुकी है।

कांग्रेस की माइनस मार्किंग का शिवराज फैक्टर

दशकों पहले 'गरीबी हटाओं' का नारा देने वाली कांग्रेस इसे अचंभे से देख सकती है। कोई सत्तारूढ़ दल 'गरीब कल्याण महाअभियान' भी चला सकता...

कमल के लिए खाद नहीं बन सकता कर्नाटक का कीचड़

रास्ते में कीचड़ से सामना हो जाना भले ही अच्छा न लगने वाला मामला हो। काम तो उससे भी लिया जा सकता है। कीचड़...

मूल की तरफ लौटे बिना उद्धार नहीं भाजपा का…

मध्यप्रदेश में भाजपा के लिए यह चिंतित होने वाली स्थिति है। पार्टी के पास यह कहने के लिए मुंह नहीं है कि मामला चौंकाने...

शराब पर ठीक दिशा में आगे बढ़े शिवराज

शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर सभी को आश्चर्यचकित कर गए हैं। मुख्यमंत्री के तौर पर मध्यप्रदेश के इतिहास की सबसे लंबी पारी खेल...

इनवेस्टर्स समिट के बाद शिवराज की चुनौतियां

इंदौर में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शिवराज सिंह चौहान ने एक बात गौरतलब कही। साढ़े पंद्रह लाख करोड़ वाले निवेश के प्रस्तावों के बीच...

अविश्वास प्रस्ताव के बाद वाली कांग्रेस

मध्यप्रदेश विधानसभा में कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव गिर गया। ध्वनिमत के साथ। संख्या बल के हिसाब से यह परिणाम अनपेक्षित नहीं था। अनपेक्षित यह...

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