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मध्यप्रदेश

मप्र की सवा करोड़ लाडली बहनों के लिए खुशखबरी: सीएम मोहन कल ट्रांसफर करेंगे योजना की 14वीं किस्त

सीएम डॉ. मोहन यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शुक्रवार को जारी होने वाली राशि की जानकारी दी है। उन्होंने प्रदेश की बहनों को बधाई देते हुए लिखा है कि 5 जुलाई को फिर बहनों के खातों में 1250 रुपये की राशि पहुंचने वाली है।

मप्र में कुलपतियों को अब इस नाम किया जाएगा संबोधित: मोहन कैबिनेट का अहम फैसला, गोवंश परिवहन करने वालों पर एक्शन लेंगे कलेक्टर

विजयवर्गीय ने बताया कि कैबिनेट ने उच्च शिक्षा विभाग के मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक-2024 प्रारूप को को मंजूरी दे दी। अब विश्वविद्यालयों के कुलपति को कुलगुरू के नाम संबोधित किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में नागरिकों के कल्याण और उन्हें अपनी संस्कृति से जुड़ने से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं।

MP की लाड़ली बहनों को अभी 1250 में ही करना पड़ेगा संतोष, वित्त मंत्री ने दिया बड़ा बयान

विधानसभा सत्र के पहले दिन सदन के बाहर मीडिया से बात करते हुए वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि मप्र में सरकार की तरफ से चल रही कोई योजना बंद नहीं होगी। वहीं उन्होंने यह भी बताया कि लाड़ली बहनों को 3 हजार रुपए नहीं मिलेंगे।

विस का मानूसन सत्र एक जुलाई से: CM मोहन ने की तैयारियों की विभागवार समीक्षा, दिए यह सख्त निर्देश

समीक्षा बैठक के दौरान सीएम ने कहा कि विधानसभा एक ऐसा माध्यम है, जहां शासन के श्रेष्ठ कार्यों की जानकारी दिए जाने से आमजन तक भी महत्वपूर्ण सूचनाएं पहुंच जाती हैं। विधानसभा सदस्यों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर समय-सीमा में भेजे जाएं। उत्तर के रूप में भेजी गई जानकारी भी संपूर्ण एवं प्रासंगिक होना चाहिए।

गूंगे सिस्टम को हरी मिर्ची खिलाने की औपचारिकता मात्र मत कीजिए

यह बिलकुल वैसा ही मामला है, जो काफी पहले फंतासी किताब में पढ़ा था। किसी स्त्री की बोलने की शक्ति अचानक जाती रही। तब...

चुटकुला याद दिला रही है कांग्रेस की यह गारंटी

जिन्हें अतीत और वर्तमान, दोनों के सच का भान नहीं है, उनके लिए तो यह बेहद लोकलुभावन मामला है। लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस...

डूबा तो टाइटैनिक भी था, जला रोम भी था….

लगता ऐसा ही है, कांग्रेस में बहुत असरकारी भूचाल आ गया है। क्योंकि आज मध्यप्रदेश की सियासत में जो कुछ हुआ, उसकी तो यह...

डॉ. यादव के मंत्रिमंडल में नामदार नहीं, केवल कामदारों की जरूरत

डॉ. मोहन यादव के लिए बड़ा जोखिम है। गृह विभाग उनके पास ही रहेगा। यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है कि बेहद लोकप्रिय और कालांतर में चुनौती-विहीन साबित हुए शिवराज सिंह चौहान तक इस महकमे को संभालने से बचते रहे। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ ने यह विभाग खुद ही संभाला है और उनके इस निर्णय को राज्य में कठोर कानून-व्यवस्था से सीधे जोड़कर देखा जाता है।

मनोभंजन न सही, मनोरंजन में तो परिपक्व हैं राहुल गांधी

फिरोज खान के पोते राहुल भले ही मूलत: गांधी न हों, लेकिन प्रचार तंत्र तो उन्हें महात्मा गांधी के समकक्ष ही रखता है। खैर, कांग्रेस के अघोषित माई-बाप और देश के घोषित बापू के बीच तुलना नहीं की जा सकती। गांधी जी की आवाज पर देश एकजुट हो गया था और राहुल की सियासी परवाज का आलम यह कि कांग्रेस टुकड़े-टुकड़े होने की कगार पर आ गई है।

क्या ‘जगह मिलने पर ही साइड दी जाएगी’ वाला मामला दोहराया जाएगा मंत्रिमंडल में ?

संगठन के प्रति निष्ठा और जातिगत राजनीति के लाभ शुभ के साथ काम की क्षमता का सर्वाधिक महत्व है, तो फिर उसे मंत्रियों के चयन में भी यही दिखाना होगा कि पार्टी में अब 'तुम मुझे सब-कुछ दो, मैं तुम्हें कुछ भी नहीं दूंगा' वाले लोगों के दिन लद चुके हैं।

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