पटना। जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस की तरफ से आयोजित किए गए रोजगार मेले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस को रोजगार मेला आयोजित करने की इतनी ही तलब लगी है, तो मेहरबानी करके उन संयंत्रों को फिर से शुरू कराए जो पर्याप्त निवेश के अभाव में बंद हो गए। अगर कांग्रेस ने केंद्र की सत्ता में रहते हुए इन संयंत्रों में निवेश किए होते, तो निश्चित तौर पर आज की तारीख में बड़ी संख्या में लोगों को इससे रोजगार मिल रहा होता।
जदयू प्रवक्ता ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आप लोग रोजगार मेला बंद करिए और उन संयंत्रों पर जाकर मातम की बांसुरी बजाना शुरू कीजिए, जो पर्याप्त निवेश के अभाव में बंद हो चुके हैं। अगर आप लोगों को रोजगार देने की इतनी ही चिंता हो रही है, तो जाकर राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव से यह सवाल कीजिए कि उनके पास पटना में जमीन कहां से आई? आज की तारीख में राजद के पास 156 करोड़ का एक बंगला दिल्ली में है। मुजफ्फरपुर में 23-24 बीघा जमीन है।
उन्होंने कहा कि आज की तारीख में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार में विकास से संबंधित कई काम करवा रहे हैं। सभी को नौकरी दे रहे हैं। यहां तक कि हमने लालू प्रसाद यादव के पुत्रवधू को भी हमने नौकरी दी, वो भी जमीन लिए बगैर! हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति रोजगार से वंचित नहीं रहे। अब तक हमारी सरकार ने रोजगार देने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
वहीं, प्रधानमंत्री मोदी के मोतिहारी दौरे पर विपक्ष की तरफ से सवाल उठाए जाने पर कहा, ष्सवाल उठाना विपक्ष का काम है। लेकिन, हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि राजनीति शर्मसार नहीं हो। अगर आपको राघवपुर भी जाना होगा, तो आपको केंद्र और राज्य के बनाए पुल से जाना होगा। राज्य में घर-घर बिजली पहुंचा दी गई है, ये आपको दिखाई नहीं दे रहा है। इसके अलावा, बिना जमीन लिए नौकरी मिल रही है। लेकिन, आपको यह दिखाई नहीं दे रहा है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के रॉबर्ट वाड्रा को लेकर दिए बयान पर कहा, ष्इस पर जदयू नेता ने कहा कि अगर कोई परेशान कर रहा है, तो इस देश में कोर्ट है, इसलिए आप लोग मूल मुद्दे पर आइए कि आपको कहना क्या है? अगर कोई अपराधी है और पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी, तो ऐसी स्थिति में अगर अपराधी कहे कि मुझे परेशान किया जा रहा है, तो यह हास्यास्पद ही लगेगा। अब अपराधी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई तो करेगी ही। अब रॉबर्ट वाड्रा का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसी स्थिति में राहुल गांधी को सक्षम जांच एजेंसी के साथ खड़ा होना चाहिए था, ना की आरोपी के साथ।
वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इस बयान कि आरएसएस और सीपीएम में भावनाओं की कमी है, इस पर जदयू प्रवक्ता ने कहा कि केरल में राहुल गांधी ने यह बयान दिया है। यह गंभीर सवाल है कि इंडी गठबंधन के घटक दल सीपीएम को बिहार में कोई जगह नहीं दी। सीपीएम के नेतृत्व में केरल में सरकार है और आप उसकी आलोचना कर रहे हैं। आरएसएस की आलोचना तो समझ में आती है, लेकिन अगर सीपीएम जैसे दलों को भी अगर कांग्रेस सेक्युलरिज्म का सर्टिफिकेट देना चाहती है, तो ऐसे इंडी गठबंधन की जय हो।