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मप्र में एसआईआर, 2 लाख से ज्यादा मतदाताओं का डाटा 2003 से मेल नहीं खा रहा

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मध्यप्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची अपडेट का काम भोपाल जिले में तय समय से चार दिन पहले ही पूरा कर लिया गया, लेकिन बड़ी संख्या में मतदाताओं की स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं हो सकी है।

जिले के 2,28,387 मतदाताओं का नाम 2003 की मतदाता सूची से मेल नहीं खा रहा, जिसके चलते अब उन्हें अपनी भारतीय नागरिकता साबित करने वाले दस्तावेज निर्वाचन कार्यालय में जमा कराना अनिवार्य होगा।

इसी प्रक्रिया के दौरान सामने आया कि 4,08,106 मतदाताओं के गणना पत्रक अब तक बीएलओ को वापस ही नहीं लौटे। यदि ये मतदाता अगले एक माह के भीतर अपने बीएलओ या रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के पास फॉर्म जमा नहीं करते, तो उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं।

भारत निर्वाचन आयोग ने गणना पत्रक अपलोड करने की अंतिम तिथि 11 दिसंबर तय की थी, लेकिन भोपाल जिले ने यह काम 7 दिसंबर को ही पूरा कर लिया। जिले में 2029 बीएलओ तैनात थे।

कई विधानसभा क्षेत्रों में भारी संख्या में फॉर्म लंबित

बैरसिया, हुजूर, मध्य, उत्तर, दक्षिण-पश्चिम, गोविंदपुरा और नरेला क्षेत्रों में जिन लोगों के गणना पत्रक जमा नहीं हुए, उनकी सूचियां कॉलोनियों में चस्पा की गईं, लेकिन कई लोग अब तक नहीं पहुंचे। जिला निर्वाचन कार्यालय तैयारियां शुरू कर चुका है और ऐसे मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे।

कुल डिजिटाइज्ड मतदाता: 17,17,808 (80.80%)

कुल लंबित गणना पत्रक: 4,08,106 (19.20%)

कुल ‘नो मैपिंग’ नागरिकता-संदिग्ध मतदाता: 2,28,387 (10.74%)

इन मतदाताओं को जारी होगा नोटिस

नरेला, दक्षिण-पश्चिम, मध्य और गोविंदपुरा में गणना पत्रक सबसे अधिक लंबित मिले हैं। ऐसे सभी मतदाताओं को नोटिस भेजकर भारतीय नागरिकता संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा जाएगा। निर्धारित अवधि में दस्तावेज न देने पर नाम काट दिए जाएंगे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया है कि एसआईआर के बाद एक माह तक दावा-आपत्तियां लेकर नाम जोड़े जा सकते हैं, लेकिन संबंधित दस्तावेज आवश्यक होंगे।

उत्कृष्ट कार्य के लिए उपेन्द्र कौशल सम्मानित

कलेक्टर कार्यालय में आयोजित समारोह में नरेला विधानसभा के बीएलओ सुपरवाइजर उपेन्द्र कौशल को एसआईआर कार्य में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

14 फरवरी को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची

12–15 दिसंबर: ड्राफ्ट रोल तैयारी

16 दिसंबर: प्रारूप सूची का प्रकाशन

16 दिसंबर–15 जनवरी 2026: दावा-आपत्ति अवधि

7 फरवरी 2026 तक: नोटिस, सुनवाई और सत्यापन

14 फरवरी 2026: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन

उपनिर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता का कहना है कि SIR के तहत गणना पत्रक चरण का काम तय समयसीमा से पहले पूरा कर लिया गया। जिन मतदाताओं ने गणना पत्रक वापस नहीं किए हैं, उनके नामों की सूची बीएलओ ने कॉलोनियों और बस्तियों की दीवारों पर लगवाई थी। इसके बाद भी लोगों ने गणना पत्रक जमा नहीं किए। अब ऐसे लोगों को एक महीने का समय दिया गया है। वहीं जिनका रिकॉर्ड साल 2003 की मतदाता सूची में नहीं मिल रहा है, वो जिला निर्वाचन कार्यालय में कागजात जमा करा सकते हैं।

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