बिहार में कांग्रेस पार्टी से गठबंधन तेजस्वी यादव के लिए एक बार फिर भारी पड़ गया है। बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर हुए चुनाव में आरजेडी उम्मीदवार अमरेंद्र दारी सिंह को हार का सामना करना पड़ा है। इस हार के पीछे कांग्रेस बड़ी वजह बनकर सामने आई हैं।
राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के तीन विधायक वोट करने नहीं पहुंचे। इसके साथ ही आरजेडी के विधायक फैसल रहमान ने भी मतदान में हिस्सा नहीं लिया। फैसल रहमान ने बताया कि उनकी मां की तबीयत ख़राब है और वह इलाज के लिए दिल्ली में हैं। लेकिन कांग्रेस के तीन विधायक ‘लापता’ हैं।
बिहार में राज्यसभा का चुनाव काफी दिलचस्प हो गया। कुल पांच में से छह उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं महागठबंधन की ओर से आरजेडी ने अमरेंद्र धारी सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया। लेकिन कांग्रेस विधायकों के फोन देर रात से ही स्विच ऑफ होने लगे थे।
इससे महागठबंधन के उम्मीदवार की जीत की संभावना पर हार के बादल मंडराने लगे थे। वहीं आज स्थिति धीरे-धीरे स्पष्ट होने लगी। और कांग्रेस के तीन विधायकों के वोटिंग में शामिल नहीं होने पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि हमारे विधायकों को बीजेपी ने चुरा लिया है।
13 मार्च तक संपर्क में थे सभी विधायक
राजेश राम ने कहा कि प्रदेश में बीजेपी की सरकार है और हमारे सभी विधायक 13 मार्च से लगातार हमारे संपर्क में थे। 13 मार्च की रात तक सभी विधायकों से सहज तौर पर बातचीत हो रही थी और ऐसा कुछ नहीं लग रहा था कि वे अचानक से अनरीच हो जाएंगे। आखिर ऐसी कौन सी बात आ गई की 13 तारीख के बाद से हमारे तीन विधायक अनरीच हो गए। मैंने मैसेज भी किया, संपर्क करने की कोशिश की। उनके परिजनों के जरिए संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन वे ट्रेस नहीं हो पाए।
वोट और जनप्रतिनिधियों को चुराने का आरोप
राजेश राम ने आरोप लगाया कि बीजेपी जहां रहती है वह वोटों की चोरी करके सरकार बनाती है। कई राज्यों में बीजेपी ने ऐसा किया है। वोट चोरी से नहीं जीत पाते हैं तो विधायकों को चुरा लेते हैं। हमारे जीते हुए प्रतिनिधियों को बीजेपी ने चुरा लिया। एक विधायक आए थे हमारे पास। उन्होंने बताया कि हमारे विधायकों को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है।
विधायक कब चोरी हो गए पता ही नहीं चला
राजेश राम ने कहा कि 13 तारीख के बाद हमारे विधायक कब चोरी हो गए कहना मुश्किल है। सीनियर नेताओं से राय लेकर हम उन पर कार्रवाई करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह माफ करने वाली बात नहीं है।



