जयपुर। इन दिनों राजस्थान विभानसभा का बजट सत्र चल रहा है। शुक्रवार को सदन में जोरदार हंगामा हुआ। सामाजिक न्याय मंत्री अविनाश गहलोत द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर दिए गए बयान पर कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा किया। हंगामे के चलते कांग्रेस के 6 विधायकों को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित, विधायक जाकिर हुसैन गेसावत, संजय जाटव, रामकेश मीणा, अमीन कागजी और हाकम अली खान को शेष बजट सत्र के लिए निलंबित किया गया। 6 साथियों के निलंबन के विरोध में कांग्रेस विधायक रात भर से सदन में धरने पर हैं। कंबल, गद्दे, चादर और तकिए के साथ उन्होंने विधानसभा को ही अपना आशियाना बना लिया। सभी विधायकों की मांग है कि निलंबन वापस हो।
कांग्रेस विधायकों ने पूरी रात जागकर वेल में भजन-कीर्तन किया। रघुपति राघव राजाराम के भजन देर रात तक चलते रहे। खास बात यह रही कि कांग्रेस विधायकों के लिए बाहर से टिफिन में खाना भी पहुंचा। विधानसभा में कैंटीन होने के बाद भी इन्होंने बाहर से खाना मंगवाया। बता दें कि हंगामे की शुरूआत राज्य के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत द्वारा इंदिरा गांधी को लेकर दिए बयान से हुई। मंत्री गहलोत ने प्रश्नकाल के दौरान कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास संबंधी सवाल का उत्तर देते समय विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा, 2023-24 के बजट में भी आपने हर बार की तरह अपनी दादी इंदिरा गांधी के नाम पर इस योजना का नाम रखा था।
गहलोत ने की थी इंदिरा पर टिप्पणी
अविनाश गहलोत द्वारा इंदिरा गांधी पर की गई से कांग्रेस विधायक भड़क गए। विपक्षी नेताओं ने स्पीकर वासुदेव देवनानी से मंत्री की टिप्पणी को हटाने की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष की मांग नहीं मानी। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। जिसके बाद कांग्रेस के छह विधायकों को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। कांग्रेस विधायकों के निलंबन का प्रस्ताव मुख्य सचेतक जोगेश्वर ने रखा था। कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा, बिना वजह इंदिरा गांधी का नाम घसीटा गया बहस में। इंदिरा जी ने देश के लिए कुर्बानी दी , भारत रत्न मिला उन्हें। सत्ता पक्ष के लोग विपक्ष को भड़का रहे हैं। इंदिरा गांधी का नाम लेने की कोई जरूरत नहीं थी। देश के लिए शहादत दिया था इंदिरा जी ने।
पिछले बजट सत्र में भाकर हुए थे निलंबित
पिछले बजट सत्र में कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर को स्पीकर ने निलंबित किया था। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान हंगामा हो गया था, जिसमें भाकर पर आरोप लगा कि उन्होंने स्पीकर को उंगली दिखा दी। खास बात यह है कि भाकर के निलंबन का प्रस्ताव भी शाम 4 बजे ही मंजूर किया गया था। तब भी भाकर को सदन से निकालने के लिए मार्शल बुलाए गए थे। इसके बाद कांग्रेसी विधायक सदन में धरने पर बैठ गए थे।