नई दिल्ली। गाजा में इजरायली हमले में अल जजीरा के 5 पत्रकारों की मौत हो गई है। मृतकों में कतर के मीडिया हाउस अलजजीरा के अनस अल-शरीफ भी शामिल हैं। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने पत्रकारों की मौत को जघन्य अपराध बताते हुए इजराइल पर तीखा हमला बोला है। साथ ही भारत सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस सांसद प्रियंका वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, अल जजीरा के 5 पत्रकारों की निर्मम हत्या फिलिस्तीनी धरती पर किया गया एक और जघन्य अपराध है। जो लोग सत्य के लिए खड़े होने की हिम्मत करते हैं, उनका असीम साहस इजरायल की हिंसा और घृणा से कभी नहीं टूटेगा। ऐसी दुनिया में जहां अधिकांश मीडिया सत्ता और व्यापार का गुलाम है, इन बहादुर आत्माओं ने हमें याद दिलाया कि सच्ची पत्रकारिता क्या होती है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।
इजराइल कर रहा नरसंहार
प्रियंका वाड्रा ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, इजरायल नरसंहार कर रहा है। उसने 60 हजार से ज्यादा लोगों की हत्या की है, जिनमें 18,430 बच्चे थे। उसने सैकड़ों लोगों को भूख से मार डाला है, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं और लाखों लोगों को भूख से मरने की धमकी दे रहा है। भारत सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस सांसद ने लिखा, चुप रहकर और निष्क्रियता से इन अपराधों को बढ़ावा देना अपने आप में एक अपराध है। यह शर्मनाक है कि भारत सरकार चुप बैठी है, जबकि इजरायल फिलिस्तीन के लोगों पर यह तबाही मचा रहा है।
पत्रकारों की मौत पर इजराइल का दावा
हालांकि, 5 पत्रकारों की मौत पर इजरायल का दावा है कि अल-जजीरा का रिपोर्टर अनस अल-शरीफ हमास के एक आतंकी ग्रुप का प्रमुख था। इजरायल डिफेंस फोर्सेस (आईडीएफ) ने पुष्टि की कि उन्होंने शरीफ को निशाना बनाया था। अल-शरीफ अपने चार सहयोगियों, मोहम्मद कुरैकेह, इब्राहिम जहीर, मोअमेन अलीवा और मोहम्मद नौफल के साथ मारा गया। आईडीएफ ने एक बयान में कहा कि शरीफ इजरायली नागरिकों और सेना पर रॉकेट हमलों को अंजाम दे रहा था। आईडीएफ ने दावा किया कि उनके पास ऐसे हमास दस्तावेज हैं, जो दिखाते हैं कि वह 2019 में समूह की एक इकाई में था।