खजुराहो/छतरपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज मप्र के दौरे पर आ रहे हैं। वे दो दिन मप्र में रहकर दो बड़े आयोजनों में शिरकत करेंगे। पीएम मोदी रविवार को छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम पहुंचकर बालाजी कैंसर इंस्टीट्यूट आॅफ रिसर्च सेंटर भूमिपूजन करेंगे। यह अस्पताल में 218 करोड़ में आकार लेगा। पीएम बालाजी महाराज के दर्शन भी करेंगे। इस के बाद पीएम मोदी भोपाल के रवाना हो जाएंगे। राजधानी पहुंचने के बाद पीएम शाम को सांसद-विधायकों और मंत्रियों के साथ बड़ी बैठक करेंगे। यह बड़ी बैठक कुशाभाऊ ठाकरे हाल में आयोजित की जाएगी। राजभवन में रात्रि विश्राम के बाद कल सोमवार को सुबह 10 बजे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 का उद्घाटन करेंगे और दोपहर 11.30 बजे दिल्ली के रवाना हो जाएंगे।
तय कार्यक्रम के अनुसार पीएम मोदी आज सुबह 11:20 बजे दिल्ली से रवाना होकर दोपहर 12:30 बजे खजुराहो एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से हेलीकॉप्टर से बागेश्वर धाम आएंगे। जहां वह बालाजी कैंसर इंस्टीट्यूट आॅफ रिसर्च सेंटर की नींव रखेंगे। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा है कि पूरा बुंदेलखंड इस ऐतिहासिक क्षण का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि कार्यक्रम के लिए 3 लाख वर्ग फुट का टेंट लगाया गया है। इसमें एक लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। 6-7 जगह पार्किंग और 20 जगह पेयजल की व्यवस्था रहेगी। बागेश्वर धाम समिति 24 घंटे भंडारे की व्यवस्था में जुटी है।
बागेश्वर धाम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रधानमंत्री बागेश्वर में बालाजी के दर्शन करेंगे और पूजा-अर्चना के बाद बागेश्वर धाम चिकित्सा एवं विज्ञान अनुसंधान संस्थान की आधारशिला रखेंगे। यह कैंसर संस्थान 200 करोड़ की लागत से तैयार होगा। प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर बागेश्वर धाम में सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं। वहीं बागेश्वर धाम में जिला प्रशासन की ओर से 20 बेड का अस्थाई मिनी अस्पताल बनाया गया है। इसमें 10 बेड महिलाओं और 10 पुरुषों के लिए रहेंगे। अस्थाई आईसीयू भी है। यहां 15-15 डॉक्टरों के दो ग्रुप दो शिफ्ट में तैनात रहेंगे। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आधुनिक उपकरण और संसाधन हैं। नि:शुल्क दवा की व्यवस्था भी रहेगी।
दक्षिणा-चढ़ोतरी भी देंगे पं. धीरेंद्र कृष्ण
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि अस्पताल में गरीब मरीजों का नि:शुल्क इलाज किया जाएगा। पात्र मरीजों की पहचान के लिए कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी ऐसे मरीजों की पहचान कर अनुशंसा करेगी। फंड के लिए देश-विदेश में मौजूद शिष्यों से संपर्क किया जाएगा। दानदाताओं से भी मदद ली जाएगी। पहला चरण पूरा होने के बाद मेडिकल कॉलेज भी बनेगा।