बालाघाट। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज रविवार को रेडियो कार्यक्रम मन क बात के माध्यम से देश की जनता को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में आपातकाल के 50 वर्ष होने पर भी अपने विचार, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की सफलता और बोडोलैंड फुटबाल का जिक्र किया। खास बात यह रही पीएम मोदी ने अपने संबोधन में एक बार फिर मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिले बालाघाट का भी जिक्र किया। पीएम ने जिले के कटंगी की रहने वाले सुमा उइके के आत्मबल और मेहनत की भूरि-भूरि सराहना की और सुमा को अन्य महिलाओं को प्रेरणा देने वाला भी बताया।
मन की बात में सूमा का नाम सुनते ही उनके गांव कटंगी में खुशी का माहौल बन गया। महिलाओं ने ढोल-नगाड़े बजाकर उनका स्वागत किया। एक स्थानीय महिला रीना उईके ने कहा, हमें गर्व है कि हमारी दीदी का नाम खुद प्रधानमंत्री ने लिया। अब हम सब भी आगे बढ़ने की प्रेरणा ले रही हैं। पीएम मोदी ने कहा, “मध्य प्रदेश की सुमा उईके का प्रयास बहुत सराहनीय है। उन्होंने सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़कर मशरूम की खेती और पशुपालन की ट्रेनिंग ली। इससे उन्हें आत्मनिर्भरता की राह मिल गई।” कटंगी की सुमा पहले घरेलू कामों तक सीमित थीं, लेकिन उन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर ट्रेनिंग ली और छोटे स्तर पर मशरूम उत्पादन शुरू किया। इसके बाद उन्होंने बकरी पालन भी शुरू किया। धीरे-धीरे उनकी आय में इजाफा होने लगा।
कमाई बढ़ी तो शुरू किया दीदी कैंटीन
सूमा उईके यहीं नहीं रुकीं। जब आय स्थिर हो गई तो उन्होंने अन्य महिलाओं को भी जोड़कर एक ह्यदीदी कैंटीनह्ण की शुरूआत की, जहां सस्ते दर पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। यह कैंटीन न केवल ग्रामीणों के लिए उपयोगी साबित हुई, बल्कि इससे अन्य महिलाओं को भी रोजगार मिला। खास बात यह है कि सुमा ने अब अपने क्षेत्र में एक थर्मल थैरेपी सेंटर भी शुरू किया है, जहां प्राकृतिक चिकित्सा के जरिए स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। इससे आसपास के ग्रामीणों को इलाज का एक नया और किफायती विकल्प मिला है।
प्रधानमंत्री ने की सराहना, कहा- देश की तकदीर बदल रहीं महिलाएं
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के कोने-कोने में सुमा जैसी अनगिनत महिलाएं हैं जो अपने पुरुषार्थ और परिश्रम से न केवल अपना जीवन संवार रहीं, बल्कि देश का भी भाग्य बदल रही हैं।