नई दिल्ली। देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न राजीव गांधी की आज 81वीं जयंती है। इस मौके पर पक्ष-विपक्ष के तमाम नेताओं ने राजीव गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत पार्टी नेताओं ने राजीव गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। राहुल गांधी पिता को याद करते हुए कहा कि उनके सपने को पूरा करना ही हमारे जीवन का असल मकसद है।
गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, एक ऐसा भारत, जहां हर नागरिक को सम्मान मिले, जहां सद्भावना हो, लोकतंत्र और संविधान से देश मजबूती से खड़ा हो। पापा, आपके देखे इस सपने को पूरा करना ही मेरा जीवन लक्ष्य है। वहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “विरासत में आप से करुणा, प्रेम और देशभक्ति का धर्म मिला। हम दोनों हमेशा के लिए ये धर्म निभाएंगे। न कोई तोड़ पाएगा, न कोई रोक पाएगा, न कभी हमारे कदम लड़खड़ाएंगे।”
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने एक्स पर लिखा, आज, जब हम सद्भावना दिवस मना रहे हैं, हम राजीव गांधी को याद करते हैं, एक असाधारण नेता जिन्होंने लाखों लोगों में आशा की किरण जगाई और भारत को 21वीं सदी में पहुंचाया। भारत के लिए उनकी अनगिनत उपलब्धियां राजीव गांधी की विरासत का प्रतीक हैं और देश में क्रांतिकारी बदलाव लेकर आईं। हम उनकी जयंती पर उन्हें अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
खड़गे ने राजीव के योगदान को किया याद
उन्होंने आगे लिखा, “मतदान की आयु घटाकर 18 वर्ष करना, पंचायती राज को मजबूत करना, दूरसंचार और आईटी क्रांति, कम्प्यूटरीकरण कार्यक्रम, निरंतर शांति समझौते, महिला सशक्तिकरण, सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम और समावेशी शिक्षा पर जोर देने वाली नई शिक्षा नीति जैसे राजीव गांधी के अभूतपूर्व कदम देश में परिवर्तनकारी बदलाव लेकर आए। हम भारत रत्न, राजीव गांधी को उनकी जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।“
नाथ ने राजीव को ऐसे किया याद
मप्र कांग्रेस के सीनियर नेता कमलनाथ ने एक्स पोस्ट में लिखा, तकनीकी भारत के शिल्पकार, संचार क्रांति के जनक, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर भावपूर्ण नमन। वे ऐसे युवा प्रधानमंत्री थे जिन्होंने ग्रामीण भारत की प्रतिभाओं को शिक्षा, संचार और नेतृत्व के अवसर दिए। कंप्यूटर और दूरसंचार की क्रांति, पंचायती राज की संवैधानिक व्यवस्था और नवोदय विद्यालय इसके उदाहरण हैं। मेरा सौभाग्य है कि मुझे उनके साथ काम करने का अवसर मिला।