24.4 C
Bhopal

कफ सिरप कांड और एमवाय में चूहों के काटने से नवजात की मौत पर विपक्ष का हंगामा

प्रमुख खबरे

मध्य प्रदेश विधानसभा में शीतकालीन सत्र के पहले दिन कफ सिरप से 24 बच्चों की मौत, एमवाय अस्पताल में चूहों के काटने से नवजातों की मौत जैसी घटनाओं पर कांग्रेस ने खूब हंगामा किया.

कांग्रेस विधायक सेना पटेल पूतना के रूप में गले में कफ़ सिरप की बोतल की माला पहने प्रदर्शन करती नज़र आई. आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार मासूमों के जीवन के लिए ख़तरा बन चुकी है.

मध्य प्रदेश विधानसभा में शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन जमकर हंगामा हुआ. सदन के अंदर भी, सदन के बाहर भी विपक्ष ने सरकार को जमकर घेरा.

सदन में ध्यान आकर्षण प्रस्ताव के दौरान भी कांग्रेस के सदस्य आसंदी के पास पहुंच गए और आरोप लगाया कि लगातार छोटे सत्र आयोजित कर विधायकों की भूमिका समाप्त करने का षड्यंत्र किया जा रहा है.

दरअसल, मध्य प्रदेश विधानसभा का ये सत्र 5 दिसंबर तक चलेगा, हालांकि विधानसभा की बैठक 4 दिन ही चलेगी, क्योंकि 3 दिसंबर को भोपाल गैस त्रासदी की बरसी पर स्थानीय अवकाश के कारण विधानसभा की भी छुट्टी रहेगी.

इस छोटे से सत्र के लिए विधानसभा सचिवालय को कुल 1497 सवाल मिले हैं, जिनमें 751 तारांकित और 746 अतारांकित प्रश्न हैं. वहीं, ध्यानाकर्षण की 194, स्थगन प्रस्ताव की 6, सूचनाएं मिली हैं. इसके अलावा, 2 शासकीय विधेयक भी सत्र में पारित होने हैं.

सरकार को बताया मासूमों के लिए खतरा

मध्य प्रदेश विधानसभा में शीतकालीन सत्र के पहले दिन कफ सिरप से 24 बच्चों की मौत, एमवाय अस्पताल में चूहों के काटने से नवजातों की मौत जैसी घटनाओं पर कांग्रेस ने खूब हंगामा किया. कांग्रेस विधायक सेना पटेल पूतना के रूप में गले में कफ़ सिरप की बोतल की माला पहने प्रदर्शन करती नज़र आई. आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार मासूमों के जीवन के लिए ख़तरा बन चुकी है.

सत्ता और विपक्ष में जमकर हुई तीखी नोंकझोंक

वहीं, सदन के अंदर शोक प्रकट करने के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कफ सिरप से हुई मौत, SIR में गड़बड़ी और काम के दबाव में बीएलओ की मौत का मुद्दा भी उठा दिया, जिससे सत्ता और विपक्ष में तीखी नोंकझोंक हुई. इस पर बीजेपी विधायक दिलीप सिंह परिहार ने कहा कि शोक संवेदना व्यक्त की जा रही थी, यह काफी गंभीर समय होता है. उस वक्त ये सब नहीं करना चाहिए, सबकी बातें सुनी जा रही हैं.

छोटे सत्र का भी उठा मुद्दा

वहीं, विधानसभा के शीतकालीन सत्र को मात्र 5 दिन में समेटने पर भी विपक्ष ने आपत्ति जताई. कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने आरोप लगाया कि सत्र छोटा करके विधायकों की अहमियत कम की जा रही है. इस पर कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने सफाई देते हुए कहा कि हम जनता की आवाज़ हमेशा सुनते हैं, आज भी सुनेंगे, सत्र छोटा नहीं हो रहा है.

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

ताज़ा खबरे