नई दिल्ली। कथित वोट चोरी और एसआईआर को लेकर विपक्ष का हंगामा अनवरत जारी है। विपक्ष सडक से लेकर सदन तक हल्ला बोल रहा है। सोमवार को संसद से चुनाव आयोग कार्यालय तक पैदल मार्च करने के बाद मंगलवार को विपक्षी सांसदों ने संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस पी चिदंबरम और इंडी गठबंधन के सांसद शामिल हुए। इस दौरान सांसदों ने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर वोट चोरी कर रहे हैं, जनता के अधिकार छीन रहे हैं। हालांकि आज इस प्रदर्शन में राहुल-प्रियंका गाधी दिखाई नहीं दिए।
एसआईआर पर कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम ने कहा, यह एक बहुत ही गंभीर मुद्दा है। अगर चुनाव आयोग की पूरी बुनियाद ही संदेह के घेरे में है, तो चुनाव नतीजे भी संदिग्ध हैं और लोकतंत्र कमजोर होता है। इस मुद्दे को लगातार उठाया जाना चाहिए क्योंकि यह हमारी चुनावी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठाता है। कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा, विपक्ष सरकार को जगाने की हर संभव कोशिश कर रहा है, लेकिन सरकार ने अपना मन बना लिया है, वह कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है और सदन को चलने नहीं देना चाहती है।
शिकायतों पर आयोग लेना चाहिए था संज्ञान
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ कि 300 सांसद सड़क पर आए। सभी सांसद शांतिपूर्वक चुनाव आयोग के पास जा रहे थे, लेकिन उन्हें जाने नहीं दिया गया। विपक्ष के सांसदों को हिरासत में ले लिया गया और इधर, सरकार ने संसद में बिल पास कराया। यह एक तरीके की तानाशाही है। उन्होंने आगे कहा, मतदाता सूची को लेकर शिकायतों पर चुनाव आयोग को संज्ञान लेना चाहिए था। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष ने भी मतदाता सूची के जरिए सबूत दिए थे। ऐसे में आयोग को स्वस्थ मतदान के लिए ब्योरा लेना चाहिए था।
भाजपा का विभाग बन चुका है चुनाव आयोग
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा का विभाग बन चुका है। फर्जी वोटर बनाना यह भाजपा का रेगुलर काम है। सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि हरियाणा और महाराष्ट्र में यह एकतरफा था कि भाजपा की सरकार नहीं बनेगी, लेकिन नतीजे बिल्कुल उलट आए। मिंता देवी जैसे मतदाताओं से स्पष्ट है कि ये भाजपा और चुनाव आयोग का पूरा प्लान है। कांग्रेस पार्टी इसको लेकर पूरे देश में आईना दिखाएगी।
यह बोले सपा सांसद
इसी तरह, समाजवादी पार्टी के सांसद आदित्य यादव ने कहा कि पिछले 10 दिनों से संसद में हमारी एक ही मांग रही है कि एसआईआर पर चर्चा हो। सरकार कहती रहती है कि वह चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन जिस मुद्दे पर हम चाहते हैं, उस पर वह चर्चा क्यों नहीं कर रही है? समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा, लोकतंत्र को बचाने की यह एक लंबी लड़ाई है। हमारी पार्टी, समाजवादी पार्टी, ने 18,000 हलफनामे और सबूत जमा किए हैं, लेकिन चुनाव आयोग ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है।