नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर एनडीए और इंडी गठबंधन ने अपनी-अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। सी.पी. राधाकृष्णन ने चार सेटों में नामांकन दाखिल किया, जिनमें से प्रत्येक पर 20 प्रस्तावकों और 20 अनुमोदकों के हस्ताक्षर थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुख्य प्रस्तावक थे, क्योंकि उन्होंने नामांकन पत्रों के पहले सेट पर हस्ताक्षर करके उन्हें जमा किया, जबकि शेष सेटों पर अन्य केंद्रीय मंत्रियों और एनडीए नेताओं ने हस्ताक्षर किए।
सी.पी. राधाकृष्णन के नामांकन के दौरान एनडीए ने अपनी एकजुटता दिखाई। लोजपा (रामबिलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान, जदयू से ललन सिंह, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के जीतन राम मांझी और अपना दल की लीडर अनुप्रिया पटेल समेत एनडीए के अन्य दलों के शीर्ष मंत्री नामांकन दाखिल करते समय सी.पी. राधाकृष्णन के साथ दिखे। सीपी राधाकृष्णन के नामांकन के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह सहित तमाम केन्द्रीय मंत्री और एनडीए सांसद भी मौजूद रहे।
इंडी गठबंधन ने बी सुदर्शन को उतारा मैदान में
बता दें कि जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफे के बाद यह चुनाव हो रहा है। जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अचानक से उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया था। फिलहाल, सत्तापक्ष ने सी.पी. राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि विपक्षी गठबंधन की ओर से बी. सुदर्शन रेड्डी चुनाव लड़ेंगे।
संख्या में सीपी राधाकृष्णन का पलडा भारी
अंकगणित और संख्याबल के लिहाज से एनडीए के सी.पी. राधाकृष्णन का पक्ष मजबूत है। वर्तमान में, लोकसभा में 543 सांसद हैं, जबकि राज्यसभा में कुल 245 सदस्यों में से 233 सांसद हैं। भाजपा के निचले सदन में 240 और उच्च सदन में 102 सांसद हैं, और सहयोगी दलों के समर्थन से एनडीए के सदस्यों की कुल संख्या 421 (लोकसभा में 298 और राज्यसभा में 128) हो जाती है।
इंडी गठबंधन के पास हैं सिर्फ 325 वोट
अन्य गैर-गठबंधन दलों में वाईएसआरसीपी ने एनडीए उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की है। उनके 11 सांसदों के साथ सी.पी. राधाकृष्णन के समर्थन में कुल संख्या 433 हो जाती है। दूसरी ओर, इंडिया ब्लॉक पार्टियों के पास 235 लोकसभा सांसद और 77 राज्यसभा सांसद हैं। उनकी संयुक्त संख्या 312 है, और अगर आम आदमी पार्टी के 11 सांसदों का समर्थन मिलता है, तो कुल संख्या 325 रहेगी।