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मोहन कैबीनेट के फैसले:नगरीय निकायों में बनेंगे गीता भवन, मप्र सिविल सेवा नियम 2025 अनुमोदित

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मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुई कैबिनेट की मीटिंग में कई अहम फैसले हुए हैं। भोपाल में किसान सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। वहीं, कटनी में 23 अगस्त को माइनिंग कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। इसमें देश भर के खनन क्षेत्र के लोग भाग लेंगे।

भोपाल के पास बैरसिया में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर भारत सरकार के सहयोग से स्थापित हो रहा है। इसका नोडल विभाग विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी है। इसमें 371 करोड़ का निवेश होगा, जिसमें 225 करोड़ राज्यांश और 146 करोड़ केंद्र सरकार का अंश होगा।

एंडोक्राइनोलॉजी विभाग की होगी स्थापना

भोपाल के गांधी चिकित्सा महाविद्यालय में एंडोक्राइनोलॉजी विभाग की स्थापना की स्वीकृति आज कैबिनेट ने प्रदान की है। आप सभी जानते हैं कि एंडोक्राइनोलॉजी के माध्यम से साधारणत: जो बीमारियां होती हैं, उनके लिए हमारे यहां अभी तक कोई विशेष केंद्र नहीं था। इस संबंध में रिसर्च सेंटर और विशेषज्ञों की बहुत आवश्यकता थी।

वर्तमान में यहां एमबीबीएस पाठ्यक्रम की 250 सीटें उपलब्ध हैं। भारत सरकार की केंद्र प्रवर्तित योजना के अंतर्गत इसमें 134 सीटों की स्वीकृति दी गई है। इसमें कुल 20 पदों की आवश्यकता को स्वीकृत किया गया है, जिनमें सहायक प्राध्यापक, सीनियर रेज़िडेंट, जूनियर रेज़िडेंट, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर, जूनियर नर्सिंग ऑफिसर और प्राध्यापक शामिल हैं। इन पदों के सृजन में वार्षिक एक करोड़ रुपए की लागत आएगी।

इस विभाग से थायरॉइड, शुगर आदि पर रिसर्च और सही इलाज संभव होगा। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में आया है कि एशिया में हर छठा व्यक्ति शुगर का मरीज होगा। यह सब हमारी लाइफ स्टाइल का परिणाम है, इसलिए इस पर अनुसंधान और उपचार अत्यंत आवश्यक है।

आदिवासी छात्रों को अब 12 महीने की मिलेगी छात्रवृत्ति

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को प्रदेश सरकार शिक्षावृत्ति देती है। विद्यार्थी जीवन में सामान्यत: 10 महीने की ही छात्रवृत्ति दी जाती थी और 2 महीने की छुट्टी के कारण कटौती हो जाती थी। परंतु आदिवासी भाइयों ने निवेदन किया कि जब वे हॉस्टल में रहते हैं तो उन्हें 12 महीने की छात्रवृत्ति मिलनी चाहिए, क्योंकि बीच-बीच में प्रतियोगी परीक्षाएं होती हैं, गरीब विद्यार्थी घर में पढ़ाई नहीं कर पाते और हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करना चाहते हैं। आज कैबिनेट ने यह स्वीकृति प्रदान की है कि आदिवासी विद्यार्थियों को अब 12 महीने छात्रवृत्ति मिलेगी। इसमें विद्यार्थियों को ₹1650 और बालिकाओं को ₹1700 की स्कॉलरशिप दी जाती है।

भारत सरकार के अनुसार कर्मियों को मिलेगी छुट्टी

सिविल सेवा के हमारे कर्मचारी-अधिकारी वर्ग के अवकाश संबंधी नियम अब भारत सरकार के अनुरूप कर दिए गए हैं। इसमें विशेषकर महिला शासकीय सेवकों के लिए “कमिशनिंग मदर” की प्रस्तुति का अवकाश भी स्वीकृत किया गया है। कमिशनिंग का आशय है कि यदि स्वयं मातृत्व न अपनाकर किसी और की गोद से बच्चा लिया गया है तो उस बच्चे के पालन-पोषण के लिए अवकाश दिया जाएगा। यह एक नवीन प्रावधान है।

पितृत्व अवकाश भी मिलेगा

इसके अतिरिक्त शैक्षणिक स्टाफ को एक वर्ष में 10 दिन अर्जित अवकाश की पात्रता दी गई है। संतान ग्रहण के लिए पितृत्व अवकाश 15 दिन स्वीकृत किया गया है। एकल पुरुष शासकीय सेवक को भी संतान पालन अवकाश की पात्रता दी जाएगी। यह भी नया प्रावधान है। यदि कोई सिंगल पेरेंट्स हो, उसे भी अवकाश मिलेगा। दिव्यांग अथवा गंभीर रूप से अस्वस्थ शासकीय सेवक को अवकाश के लिए आवेदन यदि तत्काल न दे पाए और बाद में दे तो भी उसका आवेदन मान्य किया जाएगा। यह सुधार भारत सरकार की तर्ज पर हमारे प्रदेश में लागू किया गया है।

गीता भवन बनाने को मिली मंजूरी

सभी जिलों में गीता भवन बनाने की आज कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान की। गीता भवन केवल प्रवचन का ही नहीं बल्कि हमारी संस्कृति का केंद्र बनेगा। यहां अच्छी लाइब्रेरी, कैफेटेरिया और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए स्थान होगा। पांच वर्षों में सभी जगहों पर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

मुरैना जिले के कैलारस में बहुत पुरानी शुगर फैक्ट्री है जो वर्षों से बंद है। इसे फिर से चलाई जाएगी। साथ ही आधुनिक शुगर मिल स्थापित किए जाएंगे।

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