ईरान-अमेरिका में भले ही सीजफायर का एलान हो गया हो, लेकिन क्षेत्र में अभी भी शांति नहीं है। लगातार खाड़ी के देशों में ड्रोन और मिसाइल से हमले जारी हैं।
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी ने एक ट्वीट में बताया, ‘ईरान के लावान द्वीप पर तेल ठिकानों पर हमले के कुछ ही घंटों बाद यूएई और कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए गए।’
एपी के अनुसार, ईरान के सरकारी टेलीविजन ने बताया कि बुधवार को ईरान के लवान द्वीप पर स्थित एक तेल रिफाइनरी पर हमला हुआ। यह हमला, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद हुआ।
रिपोर्ट में बताया गया कि दमकलकर्मी आग बुझाने का काम कर रहे थे, लेकिन इस घटना में किसी को कोई चोट नहीं आई है। हालांकि रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि यह हमला किसने किया था।
हमारा हाथ ट्रिगर पर है- IRGC
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC का कहना है कि उनका हाथ ट्रिगर पर है और वे किसी भी हमले का और भी ज्यादा ताकत से जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन पर हमला
सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन पर हमला हुआ है, जिससे हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। इसके अलावा, ऊर्जा से जुड़ी अन्य सुविधाओं को भी निशाना बनाया गया।
UAE ने 17 मिसाइलों और 35 ड्रोन हमलों की जानकारी दी
संयुक्त अरब अमीरात ने बुधवार को बताया कि, ईरान के साथ अमेरिका की मध्यस्थता से हुई दो हफ्ते की अस्थायी शांति के बावजूद, उसके क्षेत्र पर 17 ईरानी मिसाइलों और 35 ड्रोन से हमला किया गया। UAE के रक्षा मंत्रालय ने ‘X’ पर बताया कि उसकी हवाई सुरक्षा प्रणाली ने इन हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया।
ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर
ईरान की पूरी सभ्यता खत्म करने की धमकी देने के कुछ घंटे बाद ही, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सीजफायर (युद्धविराम) का ऐलान कर दिया। हालांकि इसमें एक शर्त रखी गई है। वह यह कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह और तत्काल प्रभाव से खोलेगा। ताकि सुरक्षित रूप से जहाज वहां से गुजर सके।
ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस सीजफायर की घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनके फील्ड मार्शल आसिम मुनीर द्वारा रखे गए एक प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। इस प्रस्ताव में दो हफ्ते के लिए आपसी दुश्मनी रोकने और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को तुरंत फिर से खोलने की बात कही गई है।
दो हफ्तों में होगी अंतिम समझौते की कोशिश
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इन दो हफ्तों का इस्तेमाल ईरान के साथ एक अंतिम समझौते की दिशा में काम करने के लिए करेगा। उन्होंने लिखा, “ऐसा करने की वजह यह है कि हमने अपने सभी सैन्य लक्ष्य पहले ही हासिल कर लिए हैं, बल्कि उनसे भी आगे निकल गए हैं। साथ ही, हम ईरान के साथ लंबे समय तक शांति बनाए रखने और पूरे मध्य-पूर्व में शांति स्थापित करने से जुड़े एक पक्के समझौते की दिशा में काफी आगे बढ़ चुके हैं।”
इसके साथ ही ट्रंप ने आगे कहा कि वॉशिंगटन को तेहरान से दस-सूत्रीय प्रस्ताव मिला है और वह इसे बातचीत शुरू करने के लिए एक व्यावहारिक आधार मानते है।
ईरान के विदेश मंत्री ने भी सीजफायर किया स्वीकार
ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने X पर सीजफायर स्वीकार करते हुए लिखा कि, “PM शरीफ के ट्वीट में की गई भाईचारे वाली अपील के जवाब में, और अमेरिका की 15-सूत्रीय प्रस्ताव पर आधारित बातचीत की अपील को ध्यान में रखते हुए, साथ ही POTUS द्वारा ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव के सामान्य ढांचे को बातचीत के आधार के रूप में स्वीकार करने की घोषणा को देखते हुए, मैं ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की ओर से यह घोषणा करता हूं।”



