भोपाल। मध्यप्रदेश की सड़कों की बदहाली को लेकर पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह के गैरजिम्मेदाराना बयान दिया है। उन्होंने कहा हैं कि जब तक सड़कें रहेंगी, तब तक गड्ढे होते रहेंगे। मंत्री इस बयान पर कांग्रेस ने मप्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने गुरुवार को सरकार को अपने निशाने पर लेते हुए कहा है कि मंत्री का यह बयान प्रदेश की जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। मंत्री का यह भाजपा सरकार की असफलताओं की स्वीकारोक्ति भी है।
जीतू ने आगे कहा कि यह बयान एक मंत्री की कुर्सी पर बैठे व्यक्ति की संवेदनहीनता और गैरजवाबदेही को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर, भोपाल, जबलपुर, इंदौर, रीवा, सतना, छिंदवाड़ा और सागर जैसे शहरों में सड़कों में नहीं, गड्ढों में सड़कें दिखती हैं। मानसून ने सड़कों की गुणवत्ता की सच्चाई उजागर कर दी है।
भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता
पीसीसी चीफ ने कहा कि सरकार ने सड़क निर्माण और मरम्मत के नाम पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन हालात पहले से भी बदतर हैं। एक ही सड़क को बार-बार मरम्मत के नाम पर बिल पास कर ठेकेदारों को भुगतान किया गया। आरटीआई और विभागीय रिपोर्टें बताती हैं कि आधे से अधिक सड़कें खराब या बहुत खराब स्थिति में हैं। सड़कों की खराब हालत के कारण सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, लोग मर रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री और मंत्री हेलीकॉप्टर से उड़कर उद्घाटन करने में व्यस्त हैं। जनता गिर रही है, मर रही है, लेकिन सरकार के पास कोई जवाब नहीं।
जनता के टैक्स से भ्रष्टाचार पोषित
पटवारी ने सवाल किया कि क्या नागरिक टैक्स इसलिए देते हैं कि उनकी जान असुरक्षित हो जाए? सरकार का कर्तव्य है कि वह सड़कों को गड्ढों से मुक्त रखे, लेकिन आज वही सरकार गड्ढों को स्थायी मान्यता देने में लगी है। यह लड़ाई सिर्फ सड़कों की नहीं, जनता के हक, भरोसे और जीवन की है। मध्यप्रदेश कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर गांव-गांव, शहर-शहर जाएगी। हम तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक सड़कों की हालत सुधरेगी और सरकार जवाबदेह नहीं बनेगी।