पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से देश में एलपीजी की कमी की खबरों पर गुरुवार को लोकसभा में राहुल गांधी ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि युद्ध के कारण भारत पर बड़ा असर होने वाला है, क्योंकि हमारे यहां तेल का बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आता है. कांग्रेस नेता राहुल ने इस दौरान अमेरिकी यौन अपराधी एपस्टीन फाइल्स का जिक्र कर दिया और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी पर निशाना साधा. इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कड़ी आपत्ति जताई.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि मिडिल ईस्ट में जंग छिड़ गई है. अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच छिड़ी इस जंग के बहुत बड़े नतीजे होंगे. दुनिया का 20% तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज होकर जिस रास्ते से आता है, उसे बंद कर दिया गया है. इसका बहुत बुरा असर होगा, खासकर हमारे ऊपर क्योंकि हमारे तेल और नैचुरल गैस का एक बहुत बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ही आता है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि देश में एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हुई है, रेस्टोरेंट बंद हो रहे हैं, स्ट्रीट वेंडर्स पर असर पड़ रहा है और ये तो केवल शुरुआत है. LPG को लेकर बहुत ज़्यादा पैनिक है… यह तो बस शुरुआत है. उन्होंने अमेरिका का नाम लेकर कहा कि किसी भी देश का आधार एनर्जी सिक्योरिटी होती है. तेल सप्लाई करने वाले देशों के साथ हमारे रिश्ते हम खुद तय करेंगे. कोई दूसरा देश ऐसा नहीं कर सकता है. एक अन्य देश का राष्ट्रपति कहता है कि हमें किससे तेल और गैस खरीदना है, किससे नहीं.
राहुल गांधी ने इस दौरान एपस्टीन फाइल्स का जिक्र करते हुए कहा कि पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी खुद को एपस्टीन का दोस्त बताते हैं. लोकसभा अध्यक्ष ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि नियमों के हिसाब से बोलें. राहुल ने कहा कि यह एक पहेली रही है और मैं इसे समझने की कोशिश कर रहा था. अब मुझे लगता है कि मैंने इसे सुलझा लिया है और यह पहेली समझौते की है.
उन्होंने आगे कहा कि हमारे यहां एक सज्जन बैठे हैं, जो तेल मंत्री हैं. उन्होंने खुद कहा है कि वह एपस्टीन के दोस्त हैं. राहुल के इतना कहते ही हंगामा शुरू हो गया. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी आपत्ति जताई. राहुल ने हंगामे के बीच कहा कि मैं देश के हित, तेल सुरक्षा और आर्थिक सुरक्षा की बात कर रहा हूं. मेरे पास एक डॉक्यूमेंट है जिसमें एग्रेसिव फंडिंग का जिक्र है.
लोकसभा अध्यक्ष ने राहुल को टोकते हुए कहा कि आपने जिस विषय पर नोटिस दिया है, उस पर ही बोलिए. उससे अलग मुद्दे पर बोलने की इजाजत नहीं दी जाएगी. सदन ऐसे नहीं चलेगा.



