वक्फ संशोधन बिल को लेकर पूरे देश में कयास का दौर जारी है, इस बिल का मुस्लिम समुदाय के साथ कई विपक्षी दल और अन्य संगठन भारी विरोध कर रहे हैं। सत्तारुढ़ पार्टी के कई घटक दल भी इस बिल को लेकर अलग-अलग मंचों से अपना विरोध जाहिर कर चुके हैं।
इस बीच केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में वक्फ संशोधन बिल पेश करने और इसको लेकर विपक्ष के रवैये पर जुबानी हमला बोला।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि जब हम संसद में जल्द ही संसद में वक्फ संशोधन बिल पेश करने की तैयारी कर रहे हैं, ऐसे में हमें सदन की बहस में हिस्सा जरुर लेनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि संसद के बाहर कई बार इस बिल पर सलाह मशविरा हुआ है। इस बिल को लोकसभा में कब पेश करेंगे, इसके बारे कल बता देंगे।
इस दौरान किरेन रिजिजू ने दावा किया कि संसद में वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर अब तक की सबसे व्यापक और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अपनाई गई है। उन्होंने सभी सियासी दलों से अपील की कि वे इस विधेयक पर अपने विचार संसद में रखें और लोगों को गुमराह न करें। रिजिजू ने कहा कि वक्फ नियम स्वतंत्रता से पहले से अस्तित्व में हैं और इनकी कानूनी वैधता पर सवाल उठाना गलत है।
केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ने कहा कि कुछ लोग मुसलमानों को यह झूठा डर दिखा रहे हैं कि सरकार उनकी संपत्ति और अधिकारों को छीनने जा रही है। यह अप्रमाणिक जानकारी समाज और राष्ट्र के लिए हानिकारक हो सकती है। रिजिजू ने बताया कि सरकार विधेयक पर पूरी तैयारी कर चुकी है और जल्द ही इसकी तारीख का ऐलान किया जाएगा। हालांकि इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि केंद्र सरकार संसद में 2 अप्रैल को वक्फ संशोधन बिल पेश करेगी।