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CJI प्रोटोकॉल मामले में जस्टिस गवई ने खारिज की याचिका, कहा सस्ती लोकप्रियता के लिए दायर की पीआईएल

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भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अगुवाई वाली पीठ ने याचिका को खारिज करने से पहले कहा कि ऐसी याचिका कुछ और नहीं बल्कि सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए दायर की गई प्रचार हित याचिका है।

सीजेआई प्रोटोकॉल उल्लंघन मामले को लेकर दायर की गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में याचिका डालने वाले शख्स पर 7000 रुपये का जुर्माना लगाया है। जनहित याचिका (पीआईएल) भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बी.आर. गवई के सीजेआई के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद अपने गृह राज्य महाराष्ट्र की पहली यात्रा के संबंध में प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर एक दायर की थी।

मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यह याचिका केवल “पब्लिसिटी इंटरेस्ट लिटिगेशन” है। जिसे “सस्ती लोकप्रियता” हासिल करने के लिए दायर किया गया है। इसके बाद पीठ ने याचिका को खारिज कर दिया।

गौरतलब है कि प्रधान न्यायाधीश बनने के बाद जस्टिस बीआर गवई पहली बार महाराष्ट्र पहुंचे थे। 14 मई को शपथ लेने वाले सीजेआई गवई महाराष्ट्र और गोवा बार काउंसिल द्वारा आयोजित सम्मान समारोह के लिए मुंबई में थे।

इस दौरान महाराष्ट्र के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक या मुंबई पुलिस आयुक्त कोई भी उनके स्वागत के लिए मौजूद नहीं था। सीजेआई की टिप्पणी के कुछ घंटों बाद तीनों शीर्ष अधिकारी उस समय मौजूद रहे, जब सीजेआई गवई प्रतिष्ठित समाज सुधारक और भारत के संविधान के मुख्य वास्तुकार को श्रद्धांजलि देने के लिए दादर में बीआर अंबेडकर के अंतिम संस्कार स्थल चैत्यभूमि गए थे।

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