भोपाल। पीसीसी जीतू पटवारी द्वारा मुलताई से भाजपा विधायक चंद्रशेखर देशमुख को लेकर अमर्यादित शब्द कहने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि BJP द्वारा देश के साथ मध्यप्रदेश में पिछड़ा वर्ग को दिए जा रहे सम्मान से कांग्रेस पार्टी और उसके नेता बौखला गए हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा भाजपा के वरिष्ठ विधायक के लिए अमर्यादित भाषा का प्रयोग कांग्रेस की हताशा का प्रतीक है। जीतू पटवारी ने एक जनप्रतिनिधि नहीं मध्यप्रदेश के समूचे पिछड़े वर्ग का अपमान किया है।
खंडेलवाल ने कहा कि राजनीति में मतभेद स्वाभाविक हैं, किंतु अशोभनीय भाषा का प्रयोग करना लोकतांत्रिक परंपराओं की अवहेलना और राजनीतिक मयार्दाओं का हनन है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का अमर्यादित शब्द कांग्रेस पार्टी के गिरते राजनीतिक स्तर को दिखाता है। कांग्रेस पार्टी और उसके नेता पटवारी द्वारा जिस तरह से पिछड़ा वर्ग का अपमान किया जा रहा है, मध्यप्रदेश की जनता इसका सबक कांग्रेस को जरूर सिखाएगी।
अमर्यादित बयान कांग्रेस के गिरते राजनीतिक स्तर को दिखाता है
हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता प्रदेश में अपनी खोई हुई लोकप्रियता और जनाधार से बौखलाकर कभी न्यायपालिका, अधिकारियों तो कभी जनप्रतिनिधियों पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हैं। भाजपा विधायक चंद्रशेखर देशमुख प्रदेश के सम्मानित जनप्रतिनिधि हैं। समूचे बैतूल जिले के सभी समाज वर्ग के लोग उनका बहुत सम्मान करते हैं। समूचा बैतूल जिला विधायक देशमुख के प्रति आदर का भाव रखता है। विधायक देशमुख अपना पूरा जीवन, दलितों, वंचितों और पिछड़े वर्ग के साथ समाज के हर वर्ग की सेवा को समर्पित किया है। जनता की सेवा के तत्पर देशमुख जैसे जनप्रतिनिधि का अपमान कर कांग्रेस मध्यप्रदेश के समूचे पिछड़ा वर्ग समाज को अपमानित कर रही है।
पिछड़े वर्ग का आगे बढ़ना कांग्रेसियों को नहीं आ रहा रास
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा से पिछड़ा वर्ग को अपमानित करने का कार्य किया है। कांग्रेस पार्टी अपनी लगातार हार और जनसमर्थन खोने की हताशा में अब व्यक्तिगत कटाक्ष और अपमानजनक शब्दों का सहारा लेने लगी है। मध्यप्रदेश में कांग्रेस शासनकाल के दौरान हमेशा पिछड़े वर्ग की आवाज दबाई जाती रही है। कांग्रेस पार्टी ने पिछड़े वर्ग को हमेशा हाशिये पर रखा है। भाजपा ने मध्यप्रदेश में चार-चार मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग से बनाए हैं।