ग्वालियर में पहली बार इतने बड़े स्त्र पर पर्यटन कॉन्क्लेव का आयोजन हुआ। दो दिन तक चले इस कार्यक्रम में करीब 3500 करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए गए। कई निवेशकों को भूमि आवंटन पत्र भी दिए गए।
पर्यटन क्षेत्र में नई कार्ययोजनाओं का विमोचन और वर्चुअल शिलान्यास भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह ग्वालियर-चंबल संभाग के लिए ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने घोषणा की कि ग्वालियर किला 100 करोड़ की लागत से रेनोवेट होगा, जिसके लिए इंडिगो और आगा खान फाउंडेशन ने करार किया है। यह काम सीएसआर फंड से किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने निवेशकों का आभार जताते हुए कहा कि कोई एक करोड़ लगाए या हजार करोड़, सबकी भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि बैजू ताल और मान सिंह तोमर संगीत विश्वविद्यालय के लिए भी राशि दी गई है। उन्होंने कहा, “ग्वालियर-चंबल वह धरती है जहां चीते भी हैं, घड़ियाल सेंक्चुरी है, राजा मानसिंह का किला है। यहां की ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहर पर्यटन को नई पहचान दिलाएगी।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि यह कॉन्क्लेव ग्वालियर-चंबल के लिए मील का पत्थर साबित होगा। सीएम मोहन यादव के विकेंद्रीकृत प्रयासों से पर्यटन निवेश राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार दोनों को मजबूती देंगे। कार्यक्रम में अभिनेता पीयूष मिश्रा ने भी कहा कि मध्य प्रदेश अब फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बनता जा रहा है। कई निर्देशक यहां फिल्में शूट करने आ रहे हैं और उन्हें यहां का माहौल बहुत पसंद आ रहा है।
3500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले।
25 से ज्यादा बड़े निवेशक शामिल हुए।
125 से अधिक ट्रैवल और टूर ऑपरेटर, 500 से ज्यादा हितधारक मौजूद रहे।
ग्वालियर किले में संरक्षण, लैंडस्केपिंग और इल्युमिनेशन कार्यों का शिलान्यास।
फूलबाग में अनुभवात्मक पर्यटन परियोजना और मान सिंह तोमर म्यूजिक यूनिवर्सिटी में विकास कार्यों की शुरुआत।कॉन्क्लेव के बाद सीएम ने कहा कि यह आयोजन ग्वालियर-चंबल को नई पहचान देगा। इससे रोजगार बढ़ेगा, इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा और स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी। आने वाले समय में यहां पर्यटकों को नए गंतव्य और अनुभव मिलेंगे।