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भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु कल निकलेंगे पृथ्वी वापसी की यात्रा, विदाई-दावत का दौर जारी

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नयी दिल्ली। भारतीय एस्ट्रोनॉट ग्रुप कैप्टन सुभांशु शुक्ला और उनके तीन साथियों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर 18 हो गए हैं। ‘एक्सिओम-4’ मिशन के तहत आईएसएस पर गए शुभांशु और उनके साथियों ने इस दौरान गहन साइंटिफिक एक्सपेरिमेंट किए हैं। इन सबके बाद अब अंतरिक्ष यात्रियों के लिए विदाई और दावत का समय आ गया है। सब कुछ ठीकठाक रहा तो अंतरिक्ष यात्री कल सोमवार को पृथ्वी के लिए अपनी वापसी यात्रा शुरू करने को तैयार हैं।

‘एक्सिओम-4’ (एक्स-4) चालक दल के विभिन्न रिसर्च पूरे होने के करीब हैं और इसमें शामिल अंतरिक्ष यात्री सोमवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 7:05 बजे (भारतीय समयानुसार शाम 4:35 बजे) से आईएसएस से धरती के लिए बाहर निकलने की तैयारी कर रहे हैं। चालक दल में कमांडर पैगी व्हिटसन, पायलट शुभांशु ‘शुक्स’ शुक्ला और मिशन विशेषज्ञ स्लावोज़ ‘सुवे’ उज्Þनान्स्की-विस्रीव्स्की तथा टिबोर कापू शामिल हैं।

केन्द्रीय मंत्री ने दी यह जानकारी
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, पृथ्वी पर वापसी…. भारतीय समयानुसार 15 जुलाई को अपरान्ह 3:00 बजे निर्धारित है। ‘एक्सिओम-4’ चालक दल के लिए औपचारिक विदाई समारोह भारतीय समयानुसार रविवार शाम के लिए निर्धारित है। मिशन के पूर्ण होने की घड़ी नजदीक आते ही आईएसएस पर अंतरिक्ष यात्री अपने छह देशों के विविध व्यंजनों के साथ भोज के लिए एकत्र हुए।

आईएसएस में 11 अंतरिक्षत यात्री
वर्तमान में, आईएसएस पर 11 अंतरिक्ष यात्री हैं, जिनमें से ‘एक्सपीडिशन 73’ के सात और ‘एक्सिओम-4’ वाणिज्यिक मिशन के चार अंतरिक्ष यात्री हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री जॉनी किम ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, इस मिशन पर मेरी सबसे अविस्मरणीय शामों में से एक, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर नए दोस्तों, एक्स-4 के साथ भोजन करना है। उन्होंने कहा, हमने कहानियां साझा कीं और इस बात से प्रसन्न हुए कि किस प्रकार विविध पृष्ठभूमियों एवं देशों के लोग अंतरिक्ष में मानवता का प्रतिनिधित्व करने के लिए एक साथ आए। किम ने बताया कि अंतरिक्ष यात्रियों ने मीठी ब्रेड, दूध और अखरोट से बने स्वादिष्ट केक के साथ रात्रि का समापन किया।

शुक्ला अपने साथ आम रस और गाजर का हलवा लेकर गए थे जबकि पोलैंड के अंतरिक्ष यात्री स्लावोज़ अपना स्थानीय व्यंजन, गोभी और मशरूम के साथ पिएरोगी लेकर गए थे। यह शुक्ला के लिए एक ऐतिहासिक यात्रा रही है, जो आईएसएस की यात्रा करने वाले पहले भारतीय बन गए हैं तथा 1984 में तत्कालीन सोवियत रूस के ‘सैल्यूट-7’ अंतरिक्ष स्टेशन मिशन के एक भाग के रूप में राकेश शर्मा की अंतरिक्ष उड़ान के बाद अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय हैं।

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