रविवार को फाइनल मुकाबले में हांगकांग को 3-0 से हराकर भारत ने पहली बार स्क्वैश विश्व कप जीता और ऐसा करने वाला पहला एशियाई देश और विश्व में आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और मिस्त्र के बाद चौथा देश बन गया।
फाइनल में पीएसए रैंकिग में 79वें स्थान पर मौजूद अनुभवी जोशना चिनप्पा ने शुरुआती महिला सिंगल्स में दुनिया की नंबर 37 ली का यी को 3-1 (7-3, 2-7, 7-5, 7-1) से हराकर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। इसके बाद अभय सिंह ने पुरुष सिंगल्स में एलेक्स लाउ को 3-0 (7-1, 7-4, 7-4) और 17 वर्षीय अनाहत सिंह ने दुनिया की नंबर 31 टोमाटो हो को 3-0 (7-2, 7-2, 7-5) से हराकर भारत के लिए खिताब पक्का कर लिया।
इससे पहले इस टूर्नामेंट में भारत ने 2023 में कांस्य पदक के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। यह खिताब निश्चित रूप से भारतीय स्क्वैश के लिए अच्छी खबर है, क्योंकि यह खेल लास एंजिलिस 2028 में ओलंपिक में पदार्पण करने जा रहा है।
टूर्नामेंट में दूसरी वरीयता प्राप्त भारत ने एक भी मैच हारे बिना खिताब जीता। भारतीय टीम ने ग्रुप चरण में स्विट्जरलैंड और ब्राजील को समान 4-0 के अंतर से हराने के बाद क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका और दो बार के चैंपियन मिस्त्र को समान रूप से 3-0 से हराया।
प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों के समर्पण और दृढ़ संकल्प की सराहना की। प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, “SDAT स्क्वैश विश्व कप 2025 में इतिहास रचते हुए अपना पहला विश्व कप खिताब जीतने के लिए भारतीय स्क्वैश टीम को हार्दिक बधाई! जोशना चिनप्पा, अभय सिंह, वेलवन सेंथिल कुमार और अनाहत सिंह ने जबरदस्त समर्पण और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया है। उनकी सफलता ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है। यह जीत हमारे युवाओं के बीच स्क्वैश की लोकप्रियता को भी बढ़ाएगी।”



