इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों से सबक लेते हुए सागर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है।
शनिवार को शहर की पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नगर निगम ने एक विशेष अभियान चलाया, जिसके तहत शहर के सभी ओवरहेड टैंकों की गहन साफ-सफाई की गई।
इस अभियान के दौरान शनिवार को एक मिसाल देखने को मिली। नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार और निगम कमिश्नर राजकुमार खत्री ने केवल निर्देश नहीं दिए, बल्कि खुद सुरक्षा उपकरणों के साथ ओवरहेड टैंक के भीतर उतरे।
अधिकारियों को कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सफाई करते देख नागरिक भी हैरान रह गए। सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे जनता ने एक सकारात्मक पहल और जनहित के प्रति सच्ची प्रतिबद्धता बताया है।
सुरक्षा के लिए एक दिन बंद रही जलापूर्ति प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसी सतर्कता के चलते शनिवार को पूरे शहर की पेयजल सप्लाई बंद रखी गई, ताकि सभी टैंकों की सफाई एक साथ पूरी की जा सके।
निरीक्षण के दौरान राहत की बात यह रही कि टैंकों में कोई विषैली गंदगी या कचरा नहीं मिला, केवल कुछ पत्थर और बालू के कण पाए गए। इसके बावजूद, एहतियातन पूरी सफाई प्रक्रिया को अंजाम दिया गया।
लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई निगम कमिश्नर राजकुमार खत्री ने कहा कि शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इंदौर जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए हम पूरी तरह सतर्क हैं।
भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण और सफाई अभियान जारी रहेंगे। निगम अध्यक्ष ने भी सफाई कार्य में जुटे कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया और शहरवासियों से अपील की कि वे भी अपने घरों की टंकियों की नियमित सफाई रखें।



