28 C
Bhopal

तलाक के केस में हाईकोर्ट ने की महिला को बताया आदर्श भारतीय पत्नी की मिसाल

प्रमुख खबरे

मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने एक व्यक्ति की तलाक की अर्जी को ठुकराते हुए उसकी बीवी की तारीफ में कसीदे पढ़े हैं।

कोर्ट ने कहा कि जिस औरत को पति ने छोड़ दिया, फिर भी वो अपने सास-ससुर की सेवा में जुटी रही, वो “आदर्श भारतीय पत्नी” की मिसाल है। ऐसी औरत अपनी शक्ति और धर्म में अटल रहती है, जो हिंदू संस्कृति की बुनियाद है।

याचिका दायर करने वाले व्यक्ति की शादी 1998 में हुई थी। वह स्पेशल आर्म्ड फोर्स में कॉन्स्टेबल है। वह 2006 से अपनी बीवी से अलग रह रहा था। उसने तलाक के लिए क्रूरता का हवाला दिया, मगर निचली अदालत ने उसकी अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद उसने इंदौर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

जस्टिस विवेक रूसिया और बिनोद कुमार द्विवेदी की बेंच ने 5 अगस्त को दिए फैसले में कहा कि पति के तलाक के दावे बेहद कमजोर और खोखले हैं। कोर्ट ने देखा कि पत्नी ने पति के छोड़ने के बावजूद अपने सास-ससुर की पूरी देखभाल की।

बेंच ने कहा, “वो उनके साथ उतनी ही मोहब्बत और सेवा से पेश आई, जितना वो पति के साथ रहते हुए करती। ये उसकी नैतिक मजबूती को दर्शाता है।”

कोर्ट ने आगे कहा, “वो अपनी तकलीफों को सहन करती रही, मगर उसने इसे सहानुभूति बटोरने के लिए इस्तेमाल नहीं किया। उसने अपनी शक्ति को अंदर समेटा और हिंदू औरत की शक्ति का आदर्श पेश किया, न कमजोर, बल्कि धैर्य और गरिमा से भरी।”

कोर्ट ने ये भी कहा कि ऐसी औरत मंगलसूत्र और सिंदूर जैसे शादी के प्रतीकों को नहीं छोड़ती, क्योंकि उसके लिए शादी सिर्फ एक कॉन्ट्रैक्ट नहीं, बल्कि एक पवित्र संस्कार है।

हाई कोर्ट ने कहा कि हिंदू मान्यता में शादी एक पवित्र, अनश्वर और अटूट बंधन है। एक आदर्श भारतीय पत्नी, भले ही पति उसे छोड़ दे, अपनी मर्यादा, धर्म और संस्कृति को नहीं छोड़ती। कोर्ट ने कहा, “पति के छोड़ने का दर्द सहते हुए भी वो अपने धर्म पर कायम रहती है।”

पति ने दावा किया था कि उसकी बीवी ने वैवाहिक जिम्मेदारियां नहीं निभाईं। मगर कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए कहा कि उनका एक बेटा है, जो अब बालिग हो चुका है। ये उनके रिश्ते की सच्चाई को दिखाता है।

पत्नी की शिकायत को क्रूरता नहीं माना

पति ने ये भी कहा था कि बीवी ने उस पर एक महिला सहकर्मी के साथ नाजायज रिश्ते का आरोप लगाया। कोर्ट ने इसे क्रूरता नहीं माना। जजों ने कहा कि पति के छोड़ने से दुखी औरत को ऐसी शंका होना स्वाभाविक है।

कोर्ट ने कहा, “वो निराशा में थी और उसे लगा कि पति किसी और औरत की वजह से उसे साथ नहीं रख रहा है।”

पत्नी ने इन आरोपों को झूठा बताया और कहा कि पति गलत आधार पर तलाक मांग रहा है। कोर्ट ने उसकी बात को सही ठहराया और कहा कि उसने ये आरोप सार्वजनिक नहीं किए, बल्कि सिर्फ तलाक की अर्जी के जवाब में अपनी बात रखी।

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

ताज़ा खबरे