मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज 26 अगस्त मंगलवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में अहम कैबिनेट बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है और कई अहम फैसले भी लिए गए।
बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि हाल ही में कटनी में माइनिंग कॉन्क्लेव का बहुत ही सफल आयोजन हुआ। इसमें 56 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से केन्द्रीय मंत्री नीतिन गड़करी ने जबलपुर प्रवास के दौरान मध्यप्रदेश को जबलपुर -भोपाल ग्रीनफील्ड कॉरिडोर सहित लगभग ₹73 हजार करोड़ की परियोजनाओं की सौगात दी है।
इंदौर-उज्जैन जानी वाली मेट्रो को पीथमपुर तक ले जाने पर चर्चा। भोपाल मेट्रो से नर्मदापुरम और विदिशा तक ले जाने का प्लान। मेट्रो उज्जैन से इंदौर और फिर इंदौर से पीथमपुर तक चलेगी। इस रूट के निर्माण पर प्रति किलोमीटर ₹9 लाख का खर्च आएगा।
610 लोक अभियोजन अधिकारियों के पद और पुलिस अफसरों के 25000 टैबलेट देने पर मंजूरी। पहले चरण में 1,732 अधिकारियों टैबलेट दिए जाएंगे, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से कुल 25,000 टैबलेट खरीदे जाएंगे।
नगरपालिका और नगर परिषद अध्यक्षों के खिलाफ लाए जा रहे अविश्वास प्रस्तावों को रोकने के लिए राज्य सरकार अध्यादेश लाएगी। नगर पालिका-परिषद अध्यक्षों के चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से करवाने पर विचार ।
मध्यप्रदेश जल निगम की नल-जल योजना के तहत पीएचई (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग) खुद के सोलर प्लांट लगाएगा। इन प्लांटों से विभाग का लक्ष्य 100 मेगावाट बिजली पैदा करना है।
मध्यप्रदेश अब स्पिरिचुअल हब भी बनता जा रहा है और प्रदेश को धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन का केन्द्र बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में उज्जैन में 27 अगस्त को ग्लोबल स्पिरिचुअल कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है।
मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट है और बाघों की सुरक्षा की दृष्टि से कान्हा,बांधवगढ़,पेंच और पन्ना राष्ट्रीय उद्यानों को जोड़ते हुए एक कॉरिडोर बनाया जा रहा है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश को बंदरगाहों से जोड़ने की एक परियोजना भी मंजूर की गई है।