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भिंड दलित प्रताड़ना मामले में आरोपियों की जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज

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मध्य प्रदेश के भिंड जिले में दलित युवक को पेशाब पिलाने के बहुचर्चित मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला आया है.

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है. अब आरोपी सलाखों के पीछे ही रहेंगे.

भिंड जिले के सुरपुरा क्षेत्र में दलित युवक से मारपीट की गई थी. आरोप है कि उसके बाद युवक को जबरन पेशाब पिलाया गया. इस मामले में भिंड जिला कोर्ट पहले ही जमानत याचिका खारिज कर चुकी थी. अब हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने भी जमानत नहीं दी. आरोपी आलोक शर्मा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने पैरवी की थी.

गौरतलब है कि 20 अक्टूबर 2025 को भिंड जिले में दलित समाज के ज्ञानसिंह जाटव के साथ मारपीट कर जबरन पेशाब पिलाने की घटना हुई थी.

ज्ञानसिंह के साथ हुए उत्पीड़न के मामले में भिंड पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मारपीट, अपहरण और एससी-एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर आरोपियों सोनू बरुआ, आलोक शर्मा और छोटू को गिरफ्तार किया था.

भिंड में दलित युवक को पेशाब पिलाने का पूरा मामला यह है कि ज्ञानसिंह पेशे से ड्राइवर है. उसका दावा है कि 18 अक्टूबर को गांव के सोनू बरुआ ने उसे अपनी गाड़ी पर बतौर ड्राइवर काम करने के लिए कहा था.

मीडिया से बातचीत में ज्ञानसिंह ने बताया कि ये लोग आपराधिक प्रवृत्ति के हैं, इसलिए उसने उनकी गाड़ी पर ड्राइविंग करने से मना कर दिया था. इसके बाद वे बंदूक की नोक पर उसे घर से उठा ले गए और मारपीट कर जबरन पेशाब पिलाई.

मप्र हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी. भिंड जिले के सुरपुरा में दलित युवक को मारपीट के बाद जबरन पेशाब पिलाने की घटना हुई थी. पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर SC-ST Act के तहत कार्रवाई की थी.

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