ईरान-अमेरिका के युद्ध का असर एलपीजी वितरण पर आया है। हालांकि अभी एलपीजी की कमी नहीं है। लेकिन एहतियात बरतते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने गैस एजेंसियों पर कंट्रोल करने के लिए कहा है। इसके तहत अब शहर में 15 दिन में मिलने वाला एलपीजी सिलेंडर 21 दिन में मिलेगा। साथ ही कमर्शियल सिलेंडर पर कंट्रोल किया जाएगा। कमर्शियल सिलेंडर कम ही मिलेगा। हालांकि अभी एलपीजी की कीमतों को लेकर किसी तरह के आदेश एजेंसियों को नहीं मिले हैं।
घरेलू गैस उत्पादन के लिए रिफाइनरियों को कड़े निर्देश
बता दें कि भारत सरकार के पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने भी सभी एलपीजी कंपनियों को पांच मार्च की रात आदेश दिया है कि वे अपने प्रोपेन और ब्यूटेन का 100 प्रतिशत उपयोग केवल घरेलू एलपीजी बनाने के लिए करें। अब रिफाइनरियां इस गैस का उपयोग पेट्रोकेमिकल्स बनाने के लिए नहीं कर सकेंगी। इसका उद्देश्य यह है कि युद्ध जैसी स्थितियों में भी भारत के घरों में रसोई गैस की कमी न हो।
गैस एजेंसियों को आपूर्ति व्यवस्था में एहतियात बरतने के निर्देश
एलपीजी गैस वितरण एजेंसियों के संगठन के अध्यक्ष पुष्पेंद्र गुप्ता ने बताया कि अभी जो निर्देश आए हैं, उनके मुताबिक घरेलू गैस के वितरण पर विशेष ध्यान रखने के लिए कहा गया है। साथ ही वितरण में सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। इसलिए एजेंसियां सिलेंडर की डिलीवरी के दिनों में बढ़ोतरी कर सकती हैं। साथ ही कमर्शियल सिलेंडर पर कंट्रोल रहेगा। हालांकि अभी सभी एजेंसियों के पास पर्याप्त एलपीजी सिलेंडर हैं। कीमत आदि को बढ़ाने के लिए किसी तरह के निर्देश नहीं आए हैं।



