भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारियों के 45 दिवसीय आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम कान्हासैंया स्थित केन्द्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जेके माहेश्वरी, मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और चीफ जस्टिस विवेक अग्रवाल भी मोजूद थे।
सीएम ने अपने उद्बोधन में कहा कि अभियोजन अधिकारियों की न्याय प्रणाली में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। न्यायालय, पुलिस और अभियोजन मिलकर पीड़ित को न्याय दिलाते हैं। उन्होंने कहा कि न्यायालय, शासन, प्रशासन और अभियोजन के आपसी समन्वय से ही पीड़ितों को न्याय मिलेगा और प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को और अधिक बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि अभियोजन अधिकारी विधिक प्रक्रियाओं, अभियोजन कार्यों और न्यायिक प्रणाली की बारीकियों से अवगत हों, जिससे वे अपने दायित्वों को कुशलतापूर्वक निर्वहन कर सकेंगे।
ज्युडिशियरी की मदद से लोकतंत्र की परंपरा मजबूत हुई
सीएम ने कहा कि देश में सुशासन स्थापित करने में हमारी माननीय न्यायपालिका की अत्यंत सराहनीय भूमिका है। लोक अभियोजन अधिकारियों के पास यह स्वर्णिम अवसर है कि वे पीड़ितों और जरूरतमंदों को अपनी युवा ऊर्जा, अपने बौद्धिक ज्ञान, मेधा और क्षमता से तत्परतापूर्वक न्याय दिलाएं। न्यायपालिका के आदेशों का अक्षरश: पालन कराना ही वास्तविक सुशासन है। ज्युडिशियरी की मदद और मार्गदर्शन से देश में लोकतंत्र की परंपरा और मजबूत हुई है।
धर्म उसी की रक्षा करता है, जो धर्म की रक्षा करता ह
मुख्यमंत्री ने कहा है कि देश ने अनेकों ऐसे अवसर देखें हैं जब न्याय पालिका के आदेशों को बिना किसी देरी के बड़ी शांति से लागू कराकर केन्द्र सरकार ने सुशासन के उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किये है। इससे देश में लोकतंत्र की परंपरा भी मजबूत हुई है। उन्होंने धर्मो रक्षति रक्षत: का संदर्भ देते हुए कहा कि धर्म उसी की रक्षा करता है, जो धर्म की रक्षा करता है। यह पारस्परिक भाव ही सुशासन की मूल नीति है।
देश में चल रहा अमृत काल
सीएम ने कहा कि उज्जैन में महाराज विक्रमादित्य ने सदियों पहले सुशासन के प्रतिमान स्थापित किए थे। हमने देश में इस भाव को पुन: जीवंत होते हुए देखा है। देश में अमृत काल चल रहा है और इस दौर में सबके कल्याण, सबके हित, सबको न्याय दिलाने के लिए एक सक्षम नेतृत्व उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नए अपराधिक कानूनों के सुचारू क्रियान्वयन के लिए सरकार हर जरूरी प्रबंध करेगी और न्याय तंत्र को बेहतर बनाने के लिए जरूरी संसाधन भी उपलब्ध कराएगी।
न्याय एक दर्शन है: चीफ जस्टिस
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और चीफ जस्टिस जेके माहेश्वरी ने कहा कि यहां प्रशिक्षण लेने के लिए आए नवनियुक्त अधिकारी न्याय के लिए ट्रेनिंग का उपयोग किस तरह से करेंगे जिससे मुख्यमंत्री और चीफ जस्टिस यशस्वी हों। विक्रमादित्य का नाम न्याय प्रशासन के लिए प्रसिद्ध है और हमें न्याय के लिए काम करना होगा। जेके माहेश्वरी ने कहा है कि न्याय एक दर्शन है, एक संकल्प है जो केवल कानून की किताबों में नहीं हमारी आत्मा में बसना चाहिए। नए अभियोजन अधिकारियों को इस न्याय संकल्प से जुड़ना चाहिए और सबको न्याय दिलाने के लिए आगे आना चाहिए।