कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कर्नाटक और महाराष्ट्र में चुनाव में धांधली का गंभीर आरोप चुनाव आयोग पर फिर से लगाया है। मतदाता सूची विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरुद्ध लामबंद विपक्ष के दृष्टिकोण में यह कथित ‘एटम बम’ हो सकता है। नैरेटिव की लड़ाई तो लंबी चलेगी लेकिन राहुल के तीखे आरोपों के जवाब में चुनाव आयोग ने जो पक्ष रखा है वह भी फांस से कम नहीं है।
राहुल ने कर्नाटक में मतदाता सूची में गड़बड़ी, एक ही मतदाता के नाम बार-बार आने, गलत पता जैसे कई आरोप लगाए हैं। यानी एक तरह से राहुल ने बिहार में चल रहे एसआईआर की जरूरत मान ली। बिहार के ड्राफ्ट मतदाता सूची में लगभग 65 लाख ऐसे लोगों को बाहर किया गया है जो या मृत हो चुके हैं या अपने पते पर हैं ही नहीं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को अलग-अलग राज्यों में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी होने के आरोप लगाए। 1 घंटे 11 मिनट तक उन्होंने 22 पेज का प्रेजेंटेशन दिया। इस प्रेजेंटेशन में उन्होंने हरियाणा का भी 1 मिनट तक जिक्र किया।
स्क्रीन पर हरियाणा का मैप दिखाते हुए राहुल गांधी ने कहा- ‘2024 में हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 8 सीटों पर महज 22,779 वोट से पूरा स्टेट हार गई।’ राहुल ने मैप पर कांग्रेस और भाजपा की जीती हुई सीटें भी दिखाईं।
राहुल ने आगे कहा कि हरियाणा की एक विधानसभा में एक लाख वोट बढ़ गए। ऐसे में आप सोच सकते हैं कि यहां कितना फर्जीवाड़ा हुआ है। एक विधानसभा में ही 12 से 15% वोट बढ़ गए और यह वोट तब और अहमियत रखते हैं जब चुनाव में जीत-हार का अंतर 2 से 4% वोटों के बीच का हो।
राहुल ने अपनी प्रेजेंटेशन में हरियाणा चुनाव हारने के पीछे चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि, राहुल गांधी ने यह नहीं बताया कि किस विधानसभा में कितने वोट बढ़े और न ही किसी एक विधानसभा का उन्होंने प्रेजेंटेशन में जिक्र किया।
भाजपा ने 48 और कांग्रेस ने 37 सीट जीतीं
हरियाणा में 2024 में विधानसभा चुनाव हुए थे। भाजपा ने 39.94% लेकर 48 सीट जीतीं। वहीं कांग्रेस ने 39.09% वोट लेकर 37 सीटें अपने नाम की। अगर वोटों की बात की जाए तो भाजपा ने 55 लाख 48 हजार 800 वोट हासिल किए तो वहीं कांग्रेस ने कांग्रेस ने 54 लाख 30 हजार 602 वोट हासिल किए थे।
निर्दलीयों ने 16 लाख 17 हजार 249 वोट (11.64%) लेकर 3 सीट जीती थी। इसके अलावा इनेलो ने 5 लाख 75 हजार 192 वोट (4.14%) लेकर 2 सीटें जीती। यानी भाजपा को 48 सीटों के साथ 39.94 प्रतिशत वोट मिले, जबकि कांग्रेस को 37 सीटों के साथ 39.09 प्रतिशत वोट मिले।
8 सीटों पर 6 हजार वोटों के कम अंतर से हारी कांग्रेस
प्रदेश में 8 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां कांग्रेस की हार 6 हजार वोटों के कम अंतर से हुई है। इन विधानसभा सीटों में उचाना कलां, चरखी दादरी, होडल, सफीदो, घरौंडा, असंध, राई और खरखौदा शामिल हैं। उचाना कलां सीट कांग्रेस महज 32 वोटों से हारी थी। यही कारण है कि कांग्रेस बार-बार BJP पर धांधली करने का आरोप लगाती रही है।
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने BJP को कड़ी टक्कर दी
हरियाणा में विधानसभा चुनाव से ठीक 5 महीने पहले मई में लोकसभा चुनाव के लिए वोटिंग हुई थी। इस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने 5-5 सीटें जीतीं। भाजपा को 46.11% वोट मिले, जबकि कांग्रेस को 43.67% वोट मिले। 2019 लोकसभा चुनाव के मुकाबले इस चुनाव में भाजपा का वोट शेयर 12.09% घट गया था, वहीं कांग्रेस का वोट शेयर 15.25% बढ़ गया था।
2014 के बाद, राज्य में भाजपा का यह सबसे कमजोर प्रदर्शन रहा था। पार्टी ने 2014 की मोदी लहर में प्रदेश की 10 में से 7 और 2019 में सभी 10 सीटें जीती थीं। 2024 में भाजपा 5 सीटें गंवा बैठी थी। दूसरी ओर, कांग्रेस की बात करें तो उसने पिछले 10 बरसों में अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। 2014 में पार्टी सिर्फ रोहतक सीट जीत पाई थी और 2019 में वह भी गंवा दी। 2024 में कांग्रेस ने वापसी करते हुए 5 सीटों पर कब्जा जमाया। कांग्रेस ने रोहतक, सोनीपत, हिसार, सिरसा और अंबाला सीट जीती। इसके अलावा भाजपा ने करनाल, कुरुक्षेत्र, गुरुग्राम, फरीदाबाद और भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट जीती।
भाजपा अध्यक्ष बड़ौली बोले- राहुल को राजनीतिक समझ नहीं
राहुल गांधी के बयान पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि राहुल गांधी को कोई भी कागज पकड़ा देता है वो ही बोलने लग जाते हैं। तीन स्टेप पर जाकर वोटर लिस्ट से वोट कटते हैं। इसमें बीएलओ और पार्टी बीएलओ तक शामिल होते हैं। चुनावों में एक-एक वोट से हार जीत होती है वो 22 हजार का आंकड़ा गिना रहे हैं। इतने वोट से तो 22 और सीटें जीती जा सकती हैं। ऐसा लगता है राहुल गांधी को न तो राजनीतिक समझ है और न ही उनको सामाजिक समझ है। यही कारण है कि कभी उनको इलेक्शन कमीशन से डांट पड़ती है कभी सुप्रीम कोर्ट से।