बेंगलुरु। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले आनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफार्म विंजों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बडा एक्शन लिया है। ईडी ने कंपनी के संस्थापक सौम्या सिंह राठौर और पवन चंदा को अरेस्ट कर लिया है। ईडी ने हाल ही में ली गई तलाशी के बाद यह बडी कार्रवाई की है। ईडी के मुताबिक, कंपनी ने गेमर्स के 43 करोड़ रुपए के फंड होल्ड कर रखे थे।
अधिकारियों के मुताबिक, वित्तीय नियामक के जोनल ऑफिस में पूछताछ के बाद विंजो गेम्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक राठौर और नंदा को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें एक दिन की कस्टडी में भेज दिया। बता दें कि ईडी ने इससे पहले विंजो और ऑनलाइन गेमिंग देने वाली एक और कंपनी गेम्सक्राफ्ट के ठिकानों पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलओ) के नियमों के तहत छापा मारा था। ईडी ने पीएमएलओ, 2002 के तहत बेंगलुरु और गुरुग्राम में अलग-अलग जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाए।
कंपनी के आठ बैंक अकाउंट फ्रीज
एक अधिकारी ने कहा कि छापे में निर्देसा नेटवर्क्स प्राइवेट लिमिटेड (एनएनपीएल), गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जीटीपीएल) के ऑफिस और इसके निदेशक और दूसरे आरोपी या संदिग्ध लोगों के घरों पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी, गेम के नतीजों में हेरफेर और दूसरे आरोपों में छापेमारी शामिल थी। ईडी ने एक ऑफिशियल बयान जारी किया है। एक अधिकारी ने कहा कि 18.57 करोड़ रुपए के बैलेंस वाले आठ बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि छापे 18 से 22 नवंबर के बीच मारे गए। उन्होंने कहा, ष्सर्च ऑपरेशन के दौरान, मोबाइल फोन और लैपटॉप जैसे आपत्तिजनक डिवाइस जब्त किए गए हैं।
ठिकानों से जब्त कए गए मोबाइल लैपटाप जैसे डिवाइस
कंपनी के निदेशक व संस्थापक के ठिकानों से मोबाइल फोन, लैपटॉप जैसे डिवाइस जब्त किए गए हैं, और गेम्सक्राफ्ट कंपनी टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के ठिकानों से बहुत सारा डेटा बैकअप लिया गया है। केंद्र सरकार की ओर से रियल मनी गेम्स पर बैन लगाने के बाद भी, कंपनी के एस्क्रो अकाउंट में अभी भी 30 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम गेमर्स और कस्टमर्स को वापस किए बिना रखी हुई है।



