नई दिल्ली। अंतरिक्षत की ऐतिहासिक यात्रा कर वतन लौटे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपने सफल मिशन के बारे में विस्तार से चर्चा की। करीब साढ़े 8 मिनट की बातचीत में शुभांशु शुक्ला ने प्रधानमंत्री को अपने मिशन के बारे में बताया, जिसमें उन्होंने चालक दल के सदस्य के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
खास बात यह रही की कि पीएम मोदी ने अंतरिक्ष यात्री के भारत लौटने पर उनसे होमवर्क पर अपडेट लिया, जिस पर ग्रुप कैप्टन ने बताया कि उन्होंने होमवर्क पूरा कर लिया है। पीएम मोदी ने मुस्कुराते हुए पूछा, मैंने जो होमवर्क करने के लिए कहा था कि उसका क्या प्रोग्रेस हुआ है? इस पर शुभांशु शुक्ला ने हंसते हुए कहा, बहुत अच्छा प्रोग्रेस हुआ है। लोग मुझे चिढ़ाते थे कि तुम्हारे प्रधानमंत्री तुम्हें होमवर्क देते हैं।
गगनयान मिशन को लेकर काफी उत्साहित हैं अंतरराष्ट्रीय क्रूमेट्स
शुभांशु शुक्ला ने बताया कि उन्होंने अंतरिक्ष में कई महत्वपूर्ण प्रयोग किए, जिनमें टार्डीग्रेड्स, मयोजेनिसिस, मेथी और मूंग के बीजों का अंकुरण, सायनोबैक्टीरिया, माइक्रोएल्गी और फसली बीजों से जुड़े अध्ययन शामिल थे। उन्होंने यह भी बताया कि उनके अंतरराष्ट्रीय क्रूमेट्स गगनयान मिशन को लेकर काफी उत्साहित हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने जब पूछा कि पृथ्वी पर लौटने के बाद उन्हें क्या अनुभव हुआ, तो शुक्ला ने कहा, ष्दिमाग को यह समझने में समय लगता है कि अब चलना है। वापस आने के बाद मैं चल नहीं पा रहा था, लोग मुझे सहारा देकर उठा रहे थे। उन्होंने बताया कि ऐसा ही अनुभव उन्हें अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचने पर भी हुआ था।
शुभांशु ने हंसते हुए कही यह बात
शुक्ला ने प्रधानमंत्री को बताया कि पिछले एक साल में वे जहां भी गए, लोगों में भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को लेकर उत्साह और जिज्ञासा देखी गई। उन्होंने हंसते हुए बताया, लोग मुझसे गगनयान के लॉन्च की तारीख तक पूछते थे। शुक्ला ने यह भी साझा किया कि अंतरिक्ष मिशन के दौरान उन्होंने जो अनुभव और जानकारियां हासिल कीं, वे गगनयान कार्यक्रम के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगी। पीएम मोदी ने पूछा कि आईएसएस पर सबसे ज्यादा समय कौन रुका है? इस पर शुभांशु शुक्ला ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर इस समय एक बार में कोई भी अंतरिक्ष यात्री 8 महीने तक रहता है। कुछ लोग दिसंबर में वापस भी लौट रहे हैं।