मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में Sextortion के मामले तेजी से बढ़ते देख साइबर क्राइम पुलिस ने आपात एडवाइजरी जारी की है। ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग का यह नया जाल लोगों को वीडियो कॉल और नकली प्रोफाइल के जरिए फंसाकर पैसों की उगाही तक पहुंच रहा है।
पुलिस ने नागरिकों से विशेष सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत रिपोर्ट करने की अपील की है।
राजधानी में लगातार बढ़ रहे Sextortion Scam मामलों को देखते हुए साइबर क्राइम, पुलिस कमिश्नरेट भोपाल ने नागरिकों को सतर्क रहने की एडवाइजरी जारी की है। पुलिस के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में अश्लील वीडियो कॉल, नकली प्रोफाइल और ब्लैकमेलिंग के जरिए लोगों को जाल में फंसाने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं सतर्क रहें और परिवार, खासकर युवाओं को इस बढ़ते साइबर अपराध के बारे में जागरूक करें, ताकि किसी भी तरह के शोषण से बचा जा सके।
क्या होता है Sextortion?
Sextortion ऑनलाइन यौन शोषण का वह तरीका है जिसमें अपराधी किसी व्यक्ति की निजी या आपत्तिजनक फोटो/वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर पैसे, और अधिक निजी सामग्री या अन्य अनुचित मांगें पूरी करवाते हैं। पुलिस ने इसे “गंभीर अपराध” बताया है।
कैसे फंसाते हैं अपराधी?
– सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स के जरिए पहले दोस्ती की जाती है।
– वीडियो कॉल पर बातचीत कर रिकॉर्डिंग कर ली जाती है।
– कई बार नकली प्रोफाइल से भरोसा जीतकर जाल बिछाया जाता है।
– एक बार वीडियो या फोटो हाथ लगते ही अपराधी परिवार और दोस्तों को भेजने की धमकी देते हैं।
– तुरंत पैसे भेजने का दबाव बनाकर पीड़ित को मानसिक रूप से तोड़ दिया जाता है।
क्यों खतरनाक है यह अपराध?
पुलिस के अनुसार Sextortion के मामले में पीड़ित भारी मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान और कई बार गंभीर अवसाद तक में चले जाते हैं। कुछ मामलों में शर्म या डर के कारण लोग आत्मघाती कदम भी उठा लेते हैं।
कैसे बचें Sextortion से?
– अनजान लोगों से निजी फोटो/वीडियो साझा न करें।
– सोशल मीडिया की प्राइवेसी सेटिंग्स मजबूत रखें।
– संदिग्ध लिंक, ऐप या वीडियो कॉल से बचें।
– ब्लैकमेलिंग होने पर पैसे बिल्कुल न भेजें।
-घबराएं नहीं-सबूत सुरक्षित रखें और तुरंत शिकायत दर्ज करवाएं।
शिकायत कहां करें?
साइबर अपराध होने पर नागरिक इन नंबरों पर तुरंत संपर्क कर सकते हैं।
भोपाल साइबर क्राइम हेल्पलाइन: 9479990636
राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन: 1930
शिकायत ऑनलाइन दर्ज करें: cybercrime.gov.in



