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मोहन बोले- अंबेडकर का अपमान करने वाली कांग्रेस आज संविधान की दे रही दुहाई, खंडेलवाल ने भी किया वार

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भोपाल। आपातकाल के 50 वर्ष के उपलक्ष्य में भाजपा महिला मोर्चा द्वारा गुरुवार को भोपाल में मॉक पार्लियामेंट आयोजित किया गया। कार्यक्रम को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने संबोधित किया। इस मौके पर महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष व सांसद माया नारोलिया भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. यादव ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस की चार पीढ़ियांं ने लोकतंत्र और संविधान का अपमान किया है। कांग्रेस ने बाबा साहब अंबेडकर जी को जीवन भर अपमानित किया, आज वो उनके बनाए संविधान की दुहाई दे रही हैं। ये नकली वेष में ढोंगी रावण की तरह हैं, इन्हें पहचानें। सीएम ने आगे भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आपातकाल इकलौती घटना नहीं थी, बल्कि कांग्रेस की चार पीढ़ियां लोकतंत्र और संविधान का अपमान करती रही हैं। पं. नेहरू ने बाबा साहब अंबेडकर और अन्य नेताओं के विरोध के बावजूद संविधान में धारा 370 का प्रावधान किया, जिसके चलते जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद पनपा और हजारों लोगों की हत्याएं की गई। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर जी को चुनाव जीतने नहीं दिया, उन्हें जीवन भर अपमानित किया। जब उनका देहांत हुआ, तो उनके अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली में जमीन नहीं दी।

हजारों लोगों को जेल में ठूंस दिया गया
सीएम ने कहा कि बाबा साहब की पार्थिव देह को अंतिम संस्कार के लिए मुंबई लाया गया, तो विमान का किराया भी उनकी पत्नी से मांगा गया। इसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जब अनुचित तरीकों का प्रयोग करके चुनाव जीतीं, तो विरोधी उम्मीदवार राजनारायण सिंह ने उनके निर्वाचन के खिलाफ याचिका लगा दी। तीन साल तक मुकदमा चलने के बाद जब हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ फैसला दिया, तो इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगा दिया। उन्होंने आकाशवाणी और अखबारों पर रोक लगा दी। हजारों लोगों को जेल में ठूंस दिया। तीसरी पीढ़ी में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने तीन तलाक को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को कानून बनाकर पलट दिया और मुस्लिम बहनों के हितों पर कुठाराघात किया।

सेना के शोर्य का मजाक उड़ा है गांधी परिवार
डॉ. यादव ने कहा कि हमारे नेता श्रद्धेय अटलबिहारी वाजपेयी जब नेता प्रतिपक्ष थे, तो 1971 के युद्ध के समय उन्होंने सेना की हौसला अफजाई की, देश का मनोबल बढ़ाया। लेकिन दूसरी तरफ आज के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी हैं, जो नेहरू-गांधी परिवार की चौथी पीढ़ी से हैं। जब हमारी सेनाएं आतंकवादियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक करती हैं, तो उन पर पर सवाल उठाते हैं। ये भारतीय वायु सेना के फाइटर पायलट अभिनंदन की सुरक्षित देश वापसी पर सवाल उठाते हैं। पहलगाम में बहनों का सुहाग उजाड़ने वाले आतंकियों के खिलाफ जब हमारी सेनाओं ने आॅपरेशन सिंदूर चलाया, तो दुनिया में हमारी सेनाओं की तारीफ हुई। लेकिन राहुल गांधी ने देश की सेनाओं का मनोबल गिराने वाले शब्दों का प्रयोग करके नेता प्रतिपक्ष पद को कलंकित किया है।

आपातकाल देश के माथे पर कलंक था- खंडेलवाल
वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि आपातकाल देश के माथे पर कलंक था, यह कलंक कांग्रेस और इंदिरा गांधी ने अपनी सत्ता को बचाये रखने के लिए लगाया। निजी स्वार्थों के लिए कांग्रेस ने बाबा साहब के बनाये संविधान को बार-बार संशोधित किया। श्रीमती इंदिरा गांधी राजनारायण सिंह की चुनाव याचिका पर आए हाईकोर्ट के निर्णय से इतनी घबरा उठीं कि उन्होंने देश पर आपातकाल थोप दिया। सामूहिक नेतृत्व से चलने वाले हमारे देश में इंदिरा गांधी ने स्वयं का महिमा मंडन करते हुए ह्यइंदिरा इज इंडियाह्ण का नारा दिया। संविधान बचाने के लिए आंदोलन करने वाले श्रद्धेय अटलजी एवं लालकृष्ण आडवाणी जी जैसे सैकड़ों लोकतंत्र सेनानियों को जेल भेज दिया। नेता जो उनके राजनीतिक विरोधी थे, उन्हें जेल में डाल दिया।

उन्होंने कहा कि आपातकाल के दर्दनाक किस्से हमें याद दिलाते हैं कि एक काला अध्याय इस देश में आया था। उस अध्याय को याद करते हुए हमें यह कोशिश करना है कि हमारे देश की मयार्दा, देश का संविधान और देश का लोकतंत्र सारी दुनिया में सबसे आगे जाएं। हम लोकतंत्र के मामले में यूरोप, अमेरिका जैसे पश्चिमी देशों से भी आगे निकलें। देश में जनता की आवाज हमेशा बुलंद रहे। उन्होंने कहा कि मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि हमारे प्रधानमंत्री जी इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

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